Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। अपराध पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से की जाने वाली जिलाबदर कार्रवाई के बावजूद यदि संबंधित व्यक्ति उसी जिले में छिपकर रहने लगे, तो यह पूरी कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। ऐसा ही मामला थाना महुली क्षेत्र में सामने आया है, जहां पुलिस ने जिलाबदर किए गए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजने की कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार रजनीश पुत्र सुभाष, निवासी कठैचा, थाना महुली के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा छह माह के लिए संतकबीरनगर जनपद से जिलाबदर का आदेश पारित किया गया था। पुलिस का दावा है कि आदेश की तामील भी अभियुक्त को करा दी गई थी। इसके बावजूद वह कथित रूप से जनपद की सीमा में लुक-छिपकर निवास कर रहा था।
1 अक्टूबर 2026 को संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग तथा गश्त के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। इसके आधार पर महुली पुलिस ने मुखालिसपुर पुल के पास से रजनीश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि जिलाबदर आदेश के उल्लंघन के मामले में थाना महुली में मु0अ0सं0 401/2026, धारा 10 उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद आरोपी को न्यायालय रवाना किया गया।
जिलाबदर के बाद भी जिले में मौजूदगी पर सवाल
इस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यदि किसी व्यक्ति को छह महीने के लिए जिले से बाहर रहने का आदेश दिया गया था, तो उसके बावजूद उसके जनपद में रहने की जानकारी पुलिस तक देर से क्यों पहुंची? क्या जिलाबदर किए गए व्यक्तियों की नियमित निगरानी की व्यवस्था प्रभावी ढंग से हो रही है? ऐसे सवाल इस कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत भी सामने रखते हैं।
हालांकि पुलिस का दावा है कि सूचना मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर जिलाबदर आदेश के उल्लंघन का मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।
दर्ज मुकदमों का विवरण
पुलिस के अनुसार रजनीश के विरुद्ध पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें वर्ष 2021 का आबकारी अधिनियम से संबंधित मामला तथा वर्ष 2023 में मारपीट, घर में घुसने, गाली-गलौज और धमकी से संबंधित धाराओं के मुकदमे शामिल हैं। वर्ष 2026 में उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
गिरफ्तारी करने वाली टीम: उपनिरीक्षक जय हिन्द भारती, हेड कांस्टेबल श्रीकांत यादव और कांस्टेबल मनोज कुमार।
महत्वपूर्ण: उपरोक्त जानकारी पुलिस द्वारा जारी विवरण पर आधारित है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों और मामलों का अंतिम निर्धारण न्यायालय की प्रक्रिया के अधीन है।

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