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स्वास्थ्यसंतकबीरनगर

मीना ने 16 तो कमलावती ने 22 पुरुषों की कराई नसबन्‍दी, परिवार कल्‍याण के कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर लेती हैं हिस्‍सा

  • मीना और कमलावती पुरुष नसबन्‍दी में लगातार बना रही हैं नए प्रतिमान

संतकबीरनगर । परिवार नियोजन के स्‍थायी साधनों में नसबन्‍दी के लिए पुरुषों को प्रेरित करना सबसे दुरुह कार्य माना जाता है। वहीं जिले की दो आशा कार्यकर्ताओं ने पुरुष नसबन्‍दी में बेहतर कार्य करते हुए निरन्‍तर नए प्रतिमान बनाए हैं। मीना ने पिछले सात साल में 16 तो कमलावती ने 22 पुरुषों को प्रेरित करके उनकी नसबन्‍दी कराई है। परिवार नियोजन के कार्यक्रमों में दोनों आशा कार्यकर्ता बढ़ चढ़कर हिस्‍सा लेती हैं।

सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र हैसर बाजार क्षेत्र के सोनाड़ी गांव की आशा कार्यकर्ता मीना (52 वर्ष  ) बताती हैं कि उनके गांव में मजदूर वर्ग के लोगों की तादाद अधिक है। 2015 में पहली बार उन्‍होने गांव के तीन पुरुषों की नसबन्‍दी करवाई। उनकी नसबन्‍दी सफल रही तबसे अब तक वह 16 पुरुषों की नसबन्‍दी करवा चुकी हैं। मीना बताती हैं कि उन्‍हें काम करने में किसी प्रकार की कोई दिक्‍कत नहीं आई। लोगों का उनके उपर विश्‍वास है, यह विश्‍वास उनके कार्यों की वजह से लोगों में अधिक बढ़ा है। 34 साल के किशोरी बताते हैं कि उनके दो बच्‍चे हैं। गांव की आशा कार्यकर्ता मीना ने उनसे बात की। आशा कार्यकर्ता ने नसबंदी करवा चुके एक अन्य लाभार्थी से उनकी बात कराई, जिससे उनका डर दूर हो गया। नसबन्‍दी के 6 महीने बीत चुके हैं और उनके अन्‍दर किसी तरह की कोई कमजोरी आदि नहीं आई।
सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र नाथनगर के गिठनी गांव की आशा कार्यकर्ता कमलावती देवी (38 ) बताती हैं कि उनके कार्यों में उनके पति का बहुत ही सहयोग रहता है। उन्‍होंने भी नसबन्‍दी करवा ली है और सुखी जीवन व्‍यतीत करते हैं। गांव के लोगों को पति पत्‍नी दोनों ही छोटे परिवार के फायदों के बारे में समझाते हैं। यह भी समझाते हैं कि हर चीज की जिम्‍मेदारी महिलाओं की ही नहीं होती है, बल्कि पुरुषों को भी अपनी जिम्‍मेदारी उठाने की जरुरत होती है। नसबन्‍दी कराने से किसी तरह की कोई शारीरिक कमजोरी नहीं आती है।

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फैमिली प्लानिंग के ड्रिस्ट्रक्ट लॉजिस्टिक मैनेजर इम्तियाज अहमद बताते हैं कि आशा कार्यकर्ता मीना के कार्यों को देखते हुए 2018 में उन्‍हें मंडल स्‍तर व जिला स्‍तर पर सम्‍मानित भी किया गया है। कमलावती 2017 में मण्‍डल स्‍तर पर परिवार नियोजन में बेहतर कार्य के लिए सम्‍मानित की जा चुकी हैं। पुरुष नसबन्‍दी पखवाड़े के दौरान बुधवार को कमलावती ने दो पुरुषों की नसबन्‍दी करवाई है।

पुरुष नसबन्‍दी की योग्‍यता
नसबन्‍दी करने वाले चिकित्‍सक डॉ सिराज अहमद बताते हैं कि पुरुष नसबंदी परिवार नियोजन के लिए पुरुषों द्वारा अपनाया जाने वाला एकमात्र स्थायी साधन है। इसलिए यह जरूरी है कि नसबंदी के समय लाभार्थी की उम्र कम से कम 22 साल हो या अधिक से अधिक 60 वर्ष हो । लाभार्थी कम से कम एक बच्चे का पिता हो और मानसिक रूप से स्वस्थ हो।

नसबंदी के बाद रखें इन बातों का ख्याल

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डॉ सिराज बताते हैं कि पुरुष नसबंदी के शुरूआती 3  महीने तक गर्भनिरोधक साधन का इस्तेमाल जरूर करें । 3 महीने तक असुरक्षित यौन संबंध बनाने से बचें । तीन महीने बाद शुक्राणुओं की जांच की जाती है और जब जांच में नसबंदी को सफल घोषित कर दिया जाए तभी नसबंदी सफल मानी जाती है।

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