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केंद्र सरकार ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ रोकने को कहा, तो कांग्रेस ने पलटवार करते पूछा ये सवाल

दिल्ली । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनके नेतृत्व में जारी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में कोविड नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पत्र में ये भी लिखा है कि ऐसा न होने की स्थिति में यात्रा स्थगित की जाए.

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कांग्रेस पार्टी ने इस पर पलटवार करते हुए लिखा है कि क्या भारत सरकार को सिर्फ़ भारत जोड़ो यात्रा ही नज़र आ रही है.

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि ‘क्या इस तरह का पत्र राजस्थान में बीजेपी के अध्यक्ष सतीश पूनिया को भेजा गया है क्योंकि वो ‘जन आक्रोश यात्रा’ निकाल रहे हैं. क्या इस तरह का पत्र कर्नाटक बीजेपी को भी भेजा गया है जो इसी तरह की यात्रा निकाल रही है.”

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“अभी आप हवाई अड्डे पर जाइये और हवाई जहाज़ में बैठिए, न आपको मास्क लगाने को कहा जाएगा और न आपको सेनिटाइज़र दिया जाएगा. क्या भारत सरकार ने नियमों और प्रोटोकॉल की कोई घोषणा की है. क्या संसद का सत्र स्थगित कर दिया गया है?”

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इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक खबर  के मुताबिक़, मनसुख मांडविया ने कहा है कि ‘मैंने मंत्रालय में विशेषज्ञों से बात की है जिसके आधार पर मैंने गहलोत और गांधी को पत्र लिखे हैं. मैंने ज़रूरी सावधानियां बरतते हुए कोविड नियमों का पालन करने के लिए कहा है. लेकिन आज सुबह से मुझसे सवाल पूछे जा रहे हैं. इस देश का स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते ये मेरी ज़िम्मेदारी है कि कोविड का फैलाव न हो.”

उन्होंने ये भी कहा है कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी यात्रा में शामिल होने के बाद कोरोना संक्रमित हुए हैं.

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ये पत्र सामने आने के बाद से केंद्र सरकार के रुख़ पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि जब कोरोना महामारी अपने चरम पर थी, उस दौर में कुंभ से लेकर बिहार और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हुए थे.

द टेलीग्राफ़ ने इस मुद्दे पर प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में मौजूदा दौर और उस दौर की तुलना की है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव हो रहे थे.

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इस रिपोर्ट के मुताबिक़, 19 अप्रैल 2021 को पश्चिम बंगाल में अमित शाह की रैली के दौरान देश में कोरोना के संक्रमित मामलों की संख्या बीस लाख के पार थी जो अब तीन हज़ार के पार है.

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इस रिपोर्ट में टेलीग्राफ़ ने कोरोना टास्क फ़ोर्स के अधिकारियों से हुई बातचीत का भी ज़िक्र किया है.

अख़बार के मुताबिक़, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2021 की शुरुआत में कुंभ मेले और चुनावी रैलियों के दौरान कोविड नियमों के उल्लंघन पर क़दम नहीं उठाए थे.

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कोविड- 19 टास्क फ़ोर्स के दो सदस्यों ने बीते साल अख़बार को बताया था कि स्वास्थ्यकर्मियों ने भीड़ जुटने से रोकने और मास्क पहनने की सलाह दी थी, लेकिन फ़ैसले लेने वालों ने चुनावी रैलियों और कुंभ मेले को नहीं रोका.

एक विशेषज्ञ ने नाम न बताने की शर्त पर कहा था – ‘कौन सुन रहा था. फैसले लेने वाले कहीं और व्यस्त थे. कई मौकों पर टास्क फोर्स एक मुखौटे जैसी संस्था थी – एक इको चैंबर जैसी, जहां नीतियों और सही कदम उठाने से जुड़ी चर्चाएं दुर्लभ थीं.’

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सरकारी और अकादमिक संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ भारत में कोविड से होने वाली भारी मौतों के लिए सरकारों और आम लोगों की ओर से कोविड नियमों के उल्लंघन को ज़िम्मेदार मानते हैं.

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