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जिले में डेंगू का वातावरण नहीं बनने के लिए,जारी रहे निरोधात्मक कार्यवाही-:डॉ अंगद सिंह

–  डेंगू को लेकर चलाए जा रहे विशेष संचारी रोग अभियान की पहली समीक्षा बैठक
–  जिला मलेरिया अधिकारी ने मातहतों को दिए जन जन को जागरुक करने के निर्देश

संतकबीरनगर ।
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने कहा कि जिले में ऐसा कोई वातावरण पैदा न होने दें जिससे डेंगू जैसी संक्रामक बीमारी से कोई ग्रसित हो। इसके लिए आवश्‍यकता इस बात की है कि हम जन जन को जागरुक करते रहें, साथ ही निरोधात्‍मक कार्यवाही का दौर जारी रहे।

यह बातें उन्‍होने डेंगू को ध्‍यान में रखते हुए शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष संचारी रोग अभियान की पहली समीक्षा बैठक को सम्‍बोधित करते हुए कहीं। उन्‍होने आगे कहा कि डेंगू को लेकर आगामी 30 नवम्‍बर तक चलाए जा रहे जन जागरुकता कार्यक्रम में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के फंण्‍ट लाइन वर्कर्स के साथ ही 10 सहयोगी विभागों के साथ भी मिलकर काम करें, ताकि डेंगू व अन्‍य संक्रामक रोगों पर नकेल कसी जा सके। इस दौरान एपीडेमियोलाजिस्‍ट डॉ मुबारक अली ने बताया कि लोगों को इस बात के लिए जागरुक करें कि दिन में किसी को मच्‍छर न काटने पाएं। बच्‍चों को फुल आस्‍तीन के कपड़े पहनाएं, साथ ही साथ घर के फ्रीज, कूलर, टायर तथा अन्‍य जगहों पर साफ पानी न जमा न होने दें। उन्‍होने टायर और कबाड़ की दुकानों की चेकिंग के निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने क्षेत्र में निरन्‍तर चेकिंग करते रहें और मच्‍छर का लार्वा पाए जाने पर नोटिस भेजें । अगर दूसरी बार भी ऐसी स्थिति दिखती है तो जुर्माना लगाएं। सहायक मलेरिया अधिकारी  ने भी मलेरिया विभाग के कर्मचारियों को आवश्‍यक दिशा निर्देश दिए। उन्‍होने यह भी बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में इस मामले की पहली समीक्ष शनिवार को की जाएगी।

डेंगू से रोकथाम के उपाय
जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि रोग फैलाने वाले मच्छर चूंकि दिन में काटते है और दिन मे लोगों का आवागमन ज्यादा रहता है, अतः स्कूलों में, कार्यालय एवं सार्वजनिक स्थलों पर पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहन कर आवागमन करें ताकि डेंगू रोग के प्रसार से बचा जा सकें । डेंगू बुखार होने पर चिकित्सक के बताए अनुसार ही दवा का सेवन करें।

ये हैं डेंगू के लक्षण
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ ए के सिन्‍हा ने बताया कि डेंगू के दौरान तेज बुखार, शरीर के जोड़ों में दर्द, आखों के पीछे दर्द, जो आंखो के घुमाने से बढ़ता है, ज्यादा घातक होने पर शरीर पर चकत्ते, मसूढ़ों एवं नाक से खून का स्राव आदि होता है।

 

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