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राष्ट्र के भविष्य निर्माता को बंधुआ मजदूर न समझे सरकार-:चंद्रमणि पांडेय(सुदामाजी)

बस्ती से अनिल शुक्ला की रिपोर्ट

बस्ती ।
*खुद किसान पुत्र व प्राथमिक विद्यालय में पढा बताने वाले मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री देश के पोषक किसान व राष्ट्र निर्माता शिक्षकों का कर रहे हैं दमन*
अखिल भारतीय शिक्षक संघ के बैनर तले खण्ड शिक्षाधिकारी हर्रैया के कार्यालय पर सरकार की दमनकारी नीतियों के विरूद्ध एक दिवसीय धरने में आमन्त्रित अतिथि के तौर पर पहुंचे समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामाजी ने प्रेरणा ऐप के विरोध व पुरानी पेंशन बहाली सहित 21सूत्रीय मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार की नीति आमजन को शिक्षा चिकित्सा की गुणवत्ता पूर्ण व्यवस्था देने के बजाय जनता को खैरात की योजनाओं से गुमराह करने वाली है उन्होंने कहा कि युं तो देश के पूर्व व वर्तमान प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री,मंत्री व शिक्षामंत्री सहित अधिकांश जनप्रतिनिधि अपने आपको किसानपुत्र धरतीपुत्र व प्राथमिक विद्यालय का पढा लिखा बताते हैं किन्तु गांव गरीब किसान तो दूर ये राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के भी हितों का ध्यान न देकर शिक्षा व चिकित्सा व्यवस्था को गर्त के तरफ ले जा रहे हैं ।

फलतः सूबे के जिन प्राथमिक स्कूलों में आज के दो दशक पूर्व संसाधन के नाम पर महज एक कमरा व शिक्षण कार्य हेतु सात अध्यापक हुआ करते थे कक्षा दो तक महज दो विषय हिंदी व गणित पढाया जाता था स्थानीय मेले सांस्कृतिक कार्यक्रमों व किसी अप्रिय घटना के घटिया होने के साथ साथ कमरों के अभाव में मौहम खराब होने के चलते छुट्टी हो जाती थी भोजनावकाश दो घंटे का होता था फिर भी शिक्षा गुणवत्ता पर कभी सवाल नहीं उठा कारण शिक्षक का टाम सिर्फ शिक्षा देना था आज उससे विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण भोजन साफ सफाई जनगणना धनगणना मतगणना जैसे अनेक कार्य की आपेक्षा की जा रही है संसाधन तो बढाये गये पर शिक्षक नहीं यदि स्कूलों व कक्षाओं के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति होती तो न केवल शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होता अपितु बडे पैमाने पर नवयुवकों को नौकरी मिलती सरकार शिक्षकों का सम्मान न कर उन्हें समाज में बदनाम करने में लगी है सुविधा बढाने के बजाय घटाई जा रही है उन्होने कहा कि विद्या विनय व सम्मान से मिलती है बंदूक की नोक से नहीं किन्तु शिक्षकों का पेंशन तक छीनने. वाली सरकारें सेल्फी के माध्यम से शिक्षा सुधार लाना चाहती हैं वास्तव में अपनज स्वंम् कज हित में आहूत रैलियों व उद्घाटन कार्यक्रम में समय से न पहुंचने वाले नेताओं की नजर हमें हर कोई विलम्ब से आता दिखता है शिक्षकों से विद्यालय में साफ सफाई करने की उम्मीद करने वाले शिक्षा मंत्री स्कूल में साग सब्जी हेतु किचेन गार्डन के नाम पर अब शिक्षकों के हाथ से कलम छीन कुदाल पकडना चाह रहे हैं जिसे शिक्षक ही नहीं प्रबुद्ध समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा हम अपने गुरूजनों के सम्मान हित हर कुर्बानी हेतु तत्पर हैं इस मौके पर संघ के ब्लाक अध्यक्ष संतोष शुक्ल, संरक्षक गिरजेश सिंह,मंत्री उमेश सिंह, सहित चिनमय राय,रामबोध उपाध्याय, जनार्दन मिश्र, ठाकुर प्रसाद,विजय मिश्र सहित अनेक पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार रखते हुए मुख्यमंत्री उ.प्र. सरकार को सम्बोधित 21सूत्रीय ग्यापन खण्ड विकास अधिकारी हर्रैया को सौंपते हुए मांगें न माने जाने की दशा में अगला कार्यक्रम जनवरी माह में ईको गार्डन लखनऊ में करने की घोषणा की इस दौरान सैकड़ों की संख्या में शिक्षक शिक्षिकायें मौजूद रहीं ।

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