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अपनी जान की सुरक्षा के लिए,धरने पर बैठेगा कलमकार

बस्ती से अनिल शुक्ला की रिपोर्ट

बस्ती: अपनी जान की सुरक्षा के लिए धरने पर बैठने जा रहे
बस्ती । कलमकार हूं…सच ही लिखता हूं। तुम मेरी बातों का बुरा मानना छोड़ दो। सच लिखने से पहले इजाजत लूंगा तुमसे, ये गलतफ़हमी पालना छोड़ दो’। ये आज की जम्हूरियत में एक मजबूर पत्रकार की दर्द रूपी वेदना है, जिसे हमने शब्दों में तब्दील करने का दुस्साहस किया है।
यकीन मानिए…जिस जम्हूरियत को पाने के लिए न जाने कितने ही पत्रकारों ने ब्रिटिश हुकूमत से हिन्दुस्तान को आज़ादी दिलाने में अपने प्राण की आहूती हंसते-हंसते दे दी। आज उसी पत्रकार की जान खतरे में है। आज शब्दों का जादूगर खतरे में है। आज एक कलमकार की जान खतरे में है। आज जम्हूरियत का एक छोटा-सा चौकीदार, जिसे हम और आप अपनी भाषा में पत्रकार कहते हैं, खतरे में है।वो अपनी जान की सुरक्षा की गुहार तो लगा रहा है, मगर अपने आपको देश का सबसे बड़ा सूबा बताने वाला यूपी जिला बस्ती के गौर थानाध्यक्ष अनिल दूबे पत्रकार की गुहार को सुन के भी अनसुना कर रहे हैं या फिर मूक बधिर हो गए हैं। ये तो फिलहाल वही बता सकते हैं, मगर आज की तारीख की खौफनाक सच्चाई ये है कि सूबा उत्तर प्रदेश…जिला बस्ती..थाना गौर.. और थानाध्यक्ष अनिल दूबे लगता है, पत्रकारों की जान का सौदा करने लगे हैं।.दूबे साहब! अगर ये सच्चाई है तो आप ही की प्रेरणा से बना जम्हूरियत का अदना-सा चौकीदार, आप से बेहद बेबाकी और दिलेरी के साथ सवाल पूछ रहा कि आपने पत्रकार मनोज सिंह की जान का सौदा कितने रूपए में किया है?…क्या ज़रा सूबे की जनता-जनार्दन को खुलकर बताएंगे? दरअसल, हम तो वो मोहरा है, जो आपसे ये सवाल पूछने की जहमत उठा रहे हैं। असल में ये सवाल हम नहीं बल्कि सूबे की जनता-जनार्दन गौर थानाध्यक्ष अनिल दूबे से पूछ रही है।ये सवाल हम आपसे इसलिए पूछ रहे है, क्योंकि इस पूरी घटना को 4 महीने से भी अधिक हो चुके हैं। मगर आपने अभी तक कोई भी सख्त कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा है। ये सवाल आ जनता-जनार्दन आपसे जानना चाहती है दूबे साहब! अगर आप बीते दिनों की घटनाक्रम को भूल गए हैं तो हम आपको इन घटनाओं से एक मर्तबा पुन: याद दिला देते हैं…तो चलिए तफसील से आपको बातते हैं। तारीख थी 1 अगस्त। पत्रकार मनोज सिंह अपने घर की तरफ जा रहे थें। एकाएक कुछेक बदमाश आ धमके और उनके ऊपर जानलेवा हमला किया, मगर कैसे भी करके पत्रकार मनोज सिंह अपने आपको वहां से बचाने मेें कामयाब हुए। इसके बाद उन्होंने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। पहले तो पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की थी, मगर काफी जद्दोजहद के बाद एफआईआर दर्ज की गई।पुलिस ने उचित कार्रवाई सहित बदमाशों को हिरासत में लेने का भरोसा दिलाया। पहले तो 28 दिन बीते थे, : वहीं दूसरी तरफ पुलिस ने सर्राफा व्यापारी पर गोली चलाने वाले बदमाशों को भी पकड़ा। फिलहाल मुख्य आरोपी समेत कई लोग फरार चल रहे हैं। लेकिन उसके तीन साथियों को हिरासत में ले लिया गया है। अपराधी सुरेश सोनी उर्फ तक्षराज ,मोहित मिश्रा और प्रियांशु, गुड्डू सोनी उर्फ महेश सोनी ने व्यापारी परमेश्वर गुप्ता पर उस वक्त हमला किया था। जब वो अपनी दुकान बंद करके घर की तरफ लौट रहे थे। तब बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस बीच एक गोली परमेश्वर गुप्ता के कमर पर जाकर लगी। इस पर उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया।पुलिस ने गिरफ्तार किए गए अपराधियों के पास से 32 बोर का पिस्टल व दो जिंदा कारतूस 32 बोर बरामद किया है। फिलहाल इन तीनों अपराधियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। अपराधियों के गिरफ्तारी की बात एसपी पंकज कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान कही। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक पंकज क्षेत्राधिकारी हरैया राहुल पाण्डेय भी मौजूद थे।अपराधियों ने पुलिस पूछताछ में घटना पर खुलासा करते हुए कहा कि, उनकी कुछ दिन पहले व्यापारी से कहासुनी हुई थी। जिसमें परमेश्वर(व्यापारी) सोनी(आरोपी) ने हमको बेइज्जत किया था तभी से मैं बदला लेना चाह रहा था। उसी बात को ले भीकर मैंने मोहित मिश्रा से मिलकर इस पूरी घटना की योजना बनाई। सोनू व सूरज ने अपने अन्य दो साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया

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