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रिटायर होते होते जावेद उस्मानी पर आखिर भ्रष्ट्राचार के गंभीर आरोप लगा ही दिए गए-:अशोक कुमार गोयल

लखनऊ ।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की कुर्सी छोड़कर राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त बने और आने वाले साल के फरवरी महीने में रिटायर होने वाले जावेद उस्मानी पर जाते-जाते भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लग ही गए हैं ।

सूबे के वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता और सूचना का अधिकार कार्यकर्ता वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष “अशोक कुमार गोयल” ने इस सम्बन्ध में सूबे के लोक आयुक्त को एक शिकायत दी है जो लोक आयुक्त कार्यालय द्वारा प्राप्त कर ली गई है,

अपनी शिकायत के साथ गोयल ने जावेद उस्मानी के भ्रष्टाचार के 29 प्रमाणों के 186 पेज भी लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किये हैं, गोयल ने अपनी शिकायत में भ्रष्टाचार में जावेद उस्मानी का साथ देने वाले प्रमुख सचिव राज्यपाल उत्तर प्रदेश हेमंत राव, प्रमुख सचिव प्रशासनिक सुधार विभाग उत्तर प्रदेश शासन जितेन्द्र कुमार, उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के पूर्व सचिव उदय वीर सिंह यादव, उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के वर्तमान सचिव शिव प्रसाद आनंद, उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के उपसचिव तेजस्कर पाण्डेय पर भी लोकसेवकों के रूप में अपने कृत्यों का निर्वहन करने में व्यक्तिगत हित अथवा अनुचित या भ्रष्ट उद्देश्य से प्रेरित होकर कदाचार करने का काम करने के गंभीर आरोप सप्रमाण लगाए हैं,

गोयल ने मुख्य सूचना आयुक्त उस्मानी और उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के उपसचिव एवं जन सूचना अधिकारी तेजस्कर पाण्डेय पर आपस में मिलीभगत करके भ्रष्टाचारध्कदाचार करने,राजकोष को क्षति कारित करने और आरटीआई एक्ट के आज्ञापक प्राविधानों का अनुपालन नहीं करके कदाचार करने का आरोप भी लगाया है,

गोयल ने बताया कि इन लोकसेवकों के खिलाफ कार्यवाही करने के पर्याप्त प्रमाण होने के बाबजूद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक कोई भी प्रशासनिक और विधिक कार्यवाही नहीं की गई है इसीलिये अब उन्होंने लोक आयुक्त के समक्ष परिवाद अभिकथन दर्ज कराकर भ्रष्ट लोकसेवकों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करके भ्रष्टाचार, कदाचार और धोखाधड़ी में लिप्त होकर वितीय अनियमितताएं करके सरकारी खजाने को क्षति कारित करने के कृत्यों के सम्बन्ध में नियमानुसार जांच कर अग्रिम प्रशासनिक और विधिक दंडात्मक कार्यवाही की संस्तुति करने की नियमपूर्ण कार्यवाही करने का अनुरोध किया है, शिकायत देने के लिए लोक आयुक्त कार्यालय गए गोयल और उनके साथी आरटीआई कार्यकर्ताओं हरपाल सिंह, तनवीर अहमद सिद्दीकी और संजय आजाद का कहना है प्रकरण पूरे सूबे की जनता को प्रभावित करने वाला है अतः उन सबको उम्मीद है कि बृहद लोकहित में लोक आयुक्त इस मामले में गहन जांच करके भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अवश्य करेंगे.

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