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जनपद के 1080 पीयर एजुकेटर्स को मिलेगा,छाता, बैग और घड़ी

– जिले के 4 ब्‍लाकों के 54 स्‍वास्‍थ्‍य उपकेन्‍द्र क्षेत्र में तैनात हैं ये पीयर एजूकेटर्स

– स्‍वास्‍थ्‍य व पोषण को लेकर किशोरों का करते हैं उचित मार्गदशन, देते हैं सहयोग

संतकबीरनगर ।

किशोरों के पोषण व स्‍वास्‍थ्‍य की निगरानी करने वाले जिले के 1080 पीयर एजूकेटर्स को विभाग की तरफ से नान मानीटरी इंसेण्टिव के रुप में किशोर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम का लोगो लगा हुआ छाता, बैग, दीवाल घड़ी, टिफिन और पानी की बोतल दी जाएगी। इसके लिए आवश्‍यक दिशा निर्देश शासन की तरफ से आ गए हैं। ये पीयर एजूकेटर्स पूरे 12 महीने तक निशुल्‍क कार्य करते हैं।

किशोर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम के जिला समन्‍वयक दीन दयाल वर्मा का कहना है कि किशोरों के पास ऐसी अनेक समस्‍याएं हैं जिनके बारे में वह न तो अपने किसी परिजन को कुछ बताते हैं, न ही स्‍कूल में शिक्षकों से ही अपनी समस्‍या को साझा करते हैं। इन्‍हीं बातों को ध्‍यान में रखते हुए जिले के 4 ब्‍लाकों के 58 स्‍वास्‍थ्‍य उपकेन्‍द्रों में किशोर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। हर स्‍वास्‍थ्‍य उपकेन्‍द्र क्षेत्र में पीयर एजूकेटर्स की कुल 5 टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में दो किशोर व दो‍ किशोरियां हैं। साथ ही इनमें भी किशोर व किशोरी का एक जोड़ा स्‍कूल जाने वाला है तो किशोर व किशोरी का एक जोड़ा स्‍कूल न जाने वाला है।

किशोर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम में अपना अमूल्‍य योगदान देने वाले इन पीयर एजूकेटर्स को सरकार ने प्रोत्‍साहन के रुप में 600 रुपए के सामान जिसमें राष्‍ट्रीय किशोर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम का टैग लगा हुआ छाता, बैग, दीवाल घड़ी तथा अन्‍य सामान देने की योजना बनाई है। इसके जिए जिले पर योजना का प्रारुप भी आ गया है। किशोर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व जिले के एसीएमओ आरसीएच डॉ मोहन झा बताते हैं कि किशोर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यक्रम के तहत पीयर एजूकेटर्स को छाता व अन्‍य सामान वितरित किए जाएंगे। इसके लिए आवश्‍यक कार्यवाही पूरी की जा रही है।

पीयर एजूकेटर्स के दायित्‍व

अगर क्षेत्र में किसी युवा को कोई समस्‍या होती है तो वह अपने क्षेत्र के पीयर एजूकेटर्स से मिलता है। पीयर एजूकेटर्स उनकी समस्‍या को सुनता है तथा उसकी समस्‍या के हिसाब से उसे आशा, एएनएम, नजदीकी स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र या फिर किेशोर हेल्‍थ सेण्‍टर जाने की सलाह देता है। ताकि उसकी समस्‍या का निराकरण हो सके।

इन समस्‍याओं पर होता है ध्‍यान

पीयर एजूकेटर्स का ध्‍यान किशोरावस्‍था में होने वाली विभिन्‍न समस्‍याओं पर होता है। इनमें मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य, माहवारी प्रबन्‍धन, माहवारी स्‍वच्‍छता, यौन व प्रजनन क्षमता, यौन रोग, नशावृत्ति, लैंगिक हिंसा, किशोर पोषण, किशोर एनीमिया के साथ ही साथ अन्‍य तरह की समस्‍या होने पर पीयर एजूकेटर्स से सम्‍पर्क करके समस्‍या का निदान कराया जा सकता है।

ब्‍लाकवार पीयर एजूकेटर्स की संख्‍या

खलीलाबाद ब्‍लाक के 24 उपकेन्‍द्रों पर कुल 320 पीयर एजूकेटर्स तैनात हैं। वहीं सेमरियांवा के 12 उपकेन्‍दों पर 240 पीयर एजूकेटर्स की तैनाती की गई है। मेंहदावल के 9 उपकेन्‍द्रों पर 180 पीयर एजूकेटर्स हैं तो हैसर बाजार के 12 उपकेन्‍द्रों पर 240 पीयर एजूकेटर्स की तैनाती की गई है। इस प्रकार कुल 54 उपकेन्‍द्रों पर 1080 पीयर एजूकेटर्स की तैनाती की गई है।

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