पटना राष्ट्रीय

पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह का निधन, नीतीश ने जताया शोक, कहा राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं प्रख्यात समाजवादी नेता डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे एक प्रख्यात समाजवादी नेता थे। कर्पूरी ठाकुर के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री रहे थे। पांच बार वैशाली से लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल अत्यंत सराहनीय रहा। वे जमीन से जुड़े राजनेता थे। उनके निधन से मुझे व्यक्तिगत रूप से दुख पहुंचा है। उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक, शिक्षा तथा समाजवाद के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।

डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन का समाचार मिलते ही मुख्यमंत्री ने उनके पुत्र सत्यप्रकाश सिंह से दूरभाष पर बात कर, उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के स्थानिक आयुक्त एवं अधिकारियों को निर्देश दिया है कि रघुवंश प्रसाद के परिजनों से सम्पर्क कर उनके पार्थिव शरीर को उनकी इच्छा के अनुरूप पटना लाने तथा राज्य सरकार की ओर से उनके अंतिम संस्कार के लिये सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिशित करें। कोरोना काल के लिये वर्तमान में लागू दिशा-निर्देश के तहत निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिर शान्ति तथा उनके परिजनों एवं प्रशंसकों को दुख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

राजनीति में हमेशा खलेगी रघुवंश बाबू की कमी: कांग्रेस
पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन पर कांग्रेस नेताओं ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि रघुवंश बाबू का यूं चले जाना बिहार ही नहीं पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा. मदन मोहन झा ने कहा कि रघुवंश बाबू एक कद्दावर, प्रबुद्ध और स्वच्छ छवि के नेता थे। बिहार की राजनीति में उनकी कमी हमेशा खलेगी।

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा समाज के पिछड़े और कमजोर वर्गों के अधिकारों की लड़ाई पूरी ईमानदारी से लड़ी। डा. रघुवंश प्रसाद सिंह के निधन की सूचना मिलते ही पार्टी के बिहार क्रांति वर्चुअल महासम्मेलन में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

मनरेगा योजना ने रघुवंश बाबू को देश में दी अलग पहचान
गणित के प्रोफेसर की नौकरी से जीवन की शुरुआत करने वाले रघुवंश प्रसाद सिंह ने केन्द्रीय मंत्री तक की यात्रा की। वह राज्यसभा को छोड़कर शेष सभी तीन सदनों के सदस्य रहे। विधान परिषद के सभापति और विधान सभा में डिप्टी स्पीकर रहने का भी उन्हें सौभाग्य था। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में नरेगा (आज का मनरेगा) योजना ने उन्हें देश में एक अलग पहचान दी। इस कारण वह सभी राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं के चहेते रहे। यूपीए टू में जब राजद केन्द्र की सरकार में शामिल नहीं था तब भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उन्हें मंत्रिमंडल में लेना चाहते थे। लेकिन अपने नेता लालू प्रसाद को छोड़कर उन्होंने मंत्रिपरिषद में जाने से उन्होंने इनकार कर दिया।

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