- महिला सुरक्षा, अधिकार और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी; घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और ‘गुड टच-बैड टच’ पर भी संवाद
(Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
संतकबीरनगर। महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत जनपद में बहू-बेटी सम्मेलन एवं महिला सशक्तिकरण चौपाल का आयोजन किया गया। पुलिस के अनुसार, जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 11 स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में 477 महिलाओं एवं बालिकाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा सभी सर्किलों के क्षेत्राधिकारियों के पर्यवेक्षण में एंटी रोमियो टीमों द्वारा आयोजित किए गए।
गांवों में पहुंची एंटी रोमियो और मिशन शक्ति टीम
पुलिस के मुताबिक, थाना कोतवाली खलीलाबाद की टीम ने मझरिया और दीघा बाईपास, महिला थाना की टीम ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों, थाना महुली ने परसादीपुर, थाना मेंहदावल ने सुअरहवा और पक्का पोखरा, जबकि थाना बखिरा की टीम ने नंदौर चौराहा और कस्बा बखिरा सहित विभिन्न स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद किया।
चौपाल की शैली में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र की जानकारी देना रहा।
सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम में महिलाओं को विभिन्न महिला एवं बालिका कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इनमें मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, रानी लक्ष्मीबाई बाल एवं महिला सम्मान कोष, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, मातृ शक्ति को सम्बल योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना प्रमुख रहीं।
पुलिस टीमों ने महिलाओं को यह जानकारी देने का प्रयास किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें किन माध्यमों से संबंधित विभागों तक पहुंचना चाहिए और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना क्यों जरूरी है।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी, साइबर अपराध पर भी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को आपात स्थिति में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें 1090 महिला पावर लाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 108 एंबुलेंस, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 102 स्वास्थ्य सेवा, 181 महिला हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और 1930 साइबर हेल्पलाइन शामिल रहे।
इसके अलावा गुड टच-बैड टच, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अन्य अपराधों को लेकर भी संवाद किया गया। महिलाओं को पंपलेट वितरित कर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई।
‘निडर होकर अपनी बात रखें’—महिलाओं से अपील
महिला बीट अधिकारियों एवं मिशन शक्ति टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में संवाद करते हुए महिलाओं से कहा कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अन्याय की स्थिति में चुप न रहें और उपलब्ध कानूनी एवं सहायता तंत्र का इस्तेमाल करें। महिलाओं को आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी देने के साथ अपनी बात निडर होकर रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम से बढ़ा आत्मविश्वास, महिलाओं ने साझा किए अनुभव
पुलिस के अनुसार, सम्मेलन में शामिल महिलाओं ने आयोजन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कुछ महिलाओं ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से घरेलू हिंसा और पति-पत्नी के विवाद जैसे विषयों पर खुलकर बात करने का अवसर मिला। महिलाओं ने यह भी कहा कि संवाद के कारण उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा और पुलिस के प्रति भरोसा मजबूत हुआ।
कुछ प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भर बनने की इच्छा भी व्यक्त की। महिलाओं ने इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने की अपेक्षा जताई, ताकि उनका मनोबल बढ़ता रहे और वे स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर सकें।
जागरूकता से आगे, योजनाओं का लाभ मिलना भी जरूरी
बहू-बेटी सम्मेलन जैसे कार्यक्रम महिलाओं को उनके अधिकारों और सहायता तंत्र की जानकारी देने का माध्यम बन सकते हैं। लेकिन इन अभियानों की वास्तविक सफलता इस बात से भी तय होगी कि कार्यक्रम में मिली जानकारी कितनी महिलाओं तक व्यवहारिक सहायता के रूप में पहुंचती है।
महिला हेल्पलाइन, सरकारी योजनाओं और कानूनी प्रावधानों की जानकारी तभी प्रभावी होगी, जब जरूरत पड़ने पर शिकायत करने वाली महिला को समय पर सहायता मिले और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ भी प्राप्त हो। इसी तरह घरेलू हिंसा और साइबर अपराध जैसे मामलों में केवल जागरूकता के साथ-साथ शिकायतों पर संवेदनशील एवं समयबद्ध कार्रवाई भी जरूरी है।
फिलहाल पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति फेज-5.0 के द्वितीय चरण के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों में 477 महिलाओं एवं बालिकाओं की भागीदारी रही और आगे भी महिला सुरक्षा एवं जागरूकता से जुड़े अभियान जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।





Post a Comment