दृष्टिबाधित छात्रों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान, सीआरसी गोरखपुर में विज्ञान और गणित शिक्षण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
गोरखपुर। शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर प्रदान करने का सशक्त साधन भी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सीआरसी (कंपोजिट रीजनल सेंटर) गोरखपुर में दृष्टिबाधित छात्रों के लिए विज्ञान और गणित शिक्षण की प्रभावी विधियों पर केंद्रित दो दिवसीय ऑफलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुनर्वास पेशेवरों, शिक्षकों और विशेषज्ञों को ऐसे नवाचारों एवं तकनीकों से परिचित कराना है, जिनकी सहायता से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को जटिल माने जाने वाले विषयों को सहज और प्रभावी ढंग से पढ़ाया जा सके। कार्यक्रम में बतौर रिसोर्स पर्सन पुनर्वास अधिकारी श्री राजेश कुमार यादव, नैदानिक मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री राजेश कुमार, श्री नागेंद्र पांडे तथा पी एंड ओ विभाग के श्री मंजेश कुमार ने अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने दृष्टिबाधित बच्चों के लिए विज्ञान और गणित शिक्षण की विभिन्न तकनीकों, व्यवहारिक चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि सामान्य धारणा के विपरीत विज्ञान और गणित जैसे विषय दृष्...