संपादकीय आनंद हत्याकांड: सवालों के घेरे में पुलिस की कार्रवाई, जवाब का इंतजार करती जनता
(मोहम्मद सईद पठान एडिटर मिशन संदेश) संतकबीरनगर के बभनी चौराहे पर गुरुवार रात हुई आनंद की निर्मम हत्या ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। यह केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था, पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की क्षमता पर भी गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना बन गई है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी नासिर अली सहित अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होना आमजन के बीच चर्चा और चिंता का विषय बना हुआ है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि तीन जिलों की एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लेकिन जनता के मन में सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि जब इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल और विशेष टीमें लगी हुई हैं, तब भी आखिर आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे हैं? आधुनिक तकनीक, सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र जैसे संसाधनों के बावजूद यदि आरोपी गिरफ्तारी से बच रहे हैं तो यह स्वाभाविक रूप से कई सवालों को जन्म देता है। मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह ...