Posts

विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम: समय पर पहचान और उपचार से बदली जा सकती है जिंदगी

Image
गोरखपुर। विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis-MS) दिवस के अवसर पर सीआरसी (Composite Regional Centre) गोरखपुर में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम (Awareness Programme) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, युवाओं, दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को इस गंभीर लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित न्यूरोलॉजिकल (Neurological) बीमारी के प्रति जागरूक करना था, ताकि समय रहते इसकी पहचान और उचित उपचार संभव हो सके। कार्यक्रम में बतौर रिसोर्स पर्सन (Resource Person) श्री राजेश कुमार एवं डॉ. विजय गुप्ता ने मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लक्षण, निदान (Diagnosis), प्रबंधन (Management) और उपचार की उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) गलती से तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर हमला करने लगती है। इसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान प्रभावित होता है। विशेषज्ञों ने बताया कि बीमारी के शुरुआती लक्षणों में लगातार थकान, हाथ-पैरों में कमजोरी, संतुलन बनाए रख...

दोहरे पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत, MP-MLA कोर्ट ने 7 साल की सजा की निरस्त; राजनीतिक और कानूनी हलकों में नई बहस

Image
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान के पुत्र और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को दोहरे पासपोर्ट प्रकरण में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। रामपुर की MP-MLA कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात वर्ष की सजा को निरस्त करते हुए उन्हें बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद न केवल आजम परिवार बल्कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी उत्साह का माहौल देखा गया। यह मामला लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति और न्यायिक विमर्श का हिस्सा रहा है। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पासपोर्ट प्राप्त किए थे। इसी आधार पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था और नवंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद MP-MLA कोर्ट ने राहत प्रदान की है। कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसला अदालत का यह निर्णय केवल एक व्यक्ति को मिली राहत तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि अपीलीय न्यायालय ने मामले के तथ्यों, साक्ष...

बीएसए संतकबीरनगर पर भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री से जांच की मांग

Image
संतकबीरनगर, 27 मई 2026। जनपद संतकबीरनगर के बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर विवादों में घिरता दिखाई दे रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अमित कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार, न्यायालय के आदेशों की अनदेखी तथा मनमाने ढंग से कार्य करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर शिकायतकर्ता विनोद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा महानिदेशक को शिकायती पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार बीएसए पिछले लगभग तीन वर्षों से जिले में तैनात हैं और इस दौरान उन्होंने विभागीय कार्यों में कथित रूप से मनमानी रवैया अपनाया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि विद्यालयों के संचालन से लेकर विभागीय व्यवस्थाओं तक में नियमों की अनदेखी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि विभाग में जातिवाद का माहौल पैदा कर शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न किया जा रहा है। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि न्यायालय एवं शासन के निर्देशों को दरकिनार करते हुए एक सेवा मुक्त मध्याह्न भोजन समन्वयक को पुनः कार्य पर रखकर उससे कार्य लिया जा ...

गोरखपुर के रिशांग ने अंतरराष्ट्रीय परीक्षा में हासिल की ऑल इंडिया 55वीं रैंक, 90 प्रतिशत छात्रवृत्ति से बढ़ाया जिले का मान

Image
(Report and edit by-Mohammad Sayeed Pathan) गोरखपुर। प्रतिभा और मेहनत के दम पर गोरखपुर के छात्र रिशांग श्रीवास्तव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बीटेक और बीएसएमएस (BSMS) जैसे तकनीकी एवं उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में विदेशों में प्रवेश के लिए आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT Mode Exam) में रिशांग ने ऑल इंडिया स्तर पर 55वीं रैंक प्राप्त करते हुए 90 प्रतिशत छात्रवृत्ति हासिल की है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब देशभर से लगभग पांच लाख परीक्षार्थियों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। रिशांग श्रीवास्तव गोरखपुर के पादरी बाजार स्थित मानस विहार कॉलोनी के निवासी हैं। उनके पिता अखिलेश श्रीवास्तव बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में वरिष्ठ एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता मंजू श्रीवास्तव गृहणी हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले रिशांग की इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। रिशांग श्रीवास्तव की इस उल्लेखनीय सफलता के बाद उनके परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खु...

डिजिटल युग में अभिगम्यता पर जोर, सीआरसी गोरखपुर में मनाया गया वैश्विक अभिगम्यता जागरूकता दिवस

Image
(Edite by Mohammad Sayeed) गोरखपुर। तेजी से डिजिटल होती दुनिया में दिव्यांगजनों के लिए सुगम और समावेशी वातावरण तैयार करना आज एक बड़ी आवश्यकता बन चुका है। इसी उद्देश्य को लेकर सीआरसी गोरखपुर में वैश्विक अभिगम्यता जागरूकता दिवस का आयोजन किया गया, जहां विशेषज्ञों ने भौतिक सुविधाओं के साथ-साथ डिजिटल अभिगम्यता (Accessibility) को भी समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने कहा कि आज अभिगम्यता का दायरा केवल रैंप, व्हीलचेयर या भवनों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप्लीकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों को भी दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे लोगों की निर्भरता तकनीक पर बढ़ रही है, वैसे-वैसे डिजिटल असमानता का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम और “सुगम्य भारत अभियान” जैसी योजनाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर अभी भी कई चुनौतियां मौजूद हैं। सरकारी वेबसाइटों, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्मों का बड़ा हिस्सा आज भी पूरी तरह ...

सिर्फ सहारा नहीं, आत्मनिर्भरता की पहल: नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट ने दिव्यांग महिला को व्हीलचेयर के साथ दिया रोजगार का भरोसा

Image
मिशन संदेश हरिद्वार, 5 मई 2026। सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाते हुए नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट ने एक सराहनीय पहल के तहत 32 वर्षीय दिव्यांग महिला दीक्षा को व्हीलचेयर प्रदान की। लेकिन यह पहल महज सहायता वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि संस्था ने उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देने का भी संकल्प लिया, जो इसे एक सामान्य सेवा कार्य से आगे ले जाकर सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बनाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीक्षा लगभग एक दशक पूर्व पेड़ गिरने की दुर्घटना में स्पाइनल कॉर्ड इंजरी का शिकार हो गई थीं, जिसके चलते उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। इस संवेदनशील मामले को जनहित दिव्यांग समिति, हरिद्वार के अनुप कुमार द्वारा नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद संस्था ने त्वरित पहल करते हुए उन्हें व्हीलचेयर उपलब्ध कराई। सहायता से आगे बढ़कर सशक्तिकरण की सोच ट्रस्ट द्वारा दीक्षा को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित करने का निर्णय इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है। आमतौर पर ऐसे मामलों में सहायता एक बार के वितरण तक सीमित रह जाती है, लेकिन यहां संस्था ने दीक्षा को...

महिला सशक्तिकरण की पहल: नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट ने जरूरतमंद महिला को सौंपी सिलाई मशीन

Image
ऋषिकेश । महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। ट्रस्ट की ओर से एक जरूरतमंद महिला को सिलाई मशीन एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे वह स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सके। बताया गया कि उक्त महिला ने संस्था में एक वर्ष तक निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त किया था। प्रशिक्षण पूरा करने के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण वह अपना काम शुरू नहीं कर पा रही थी। ऐसे में ट्रस्ट ने उसकी स्थिति को समझते हुए उसे सिलाई मशीन उपलब्ध कराई, ताकि वह घर बैठे ही रोजगार शुरू कर सके और अपने परिवार का सहारा बन सके। साथ ही संस्था द्वारा उसे प्रशस्ति पत्र देकर उसके प्रयासों को सराहा गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सतीश अग्रवाल, सिलाई प्रशिक्षण दे रहीं अंजना एवं पुष्पा, शिक्षा व्यवस्था संभाल रहीं शिखा पाल, सह-संस्थापक नूपुर गोयल, संस्थापक नीरजा गोयल तथा कंप्यूटर शिक्षा दे रहीं लक्ष्मी सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। ट्रस्ट केवल महिला सशक्तिकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से कार्य कर र...