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गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी से बढ़ेगी महंगाई की मार, आम जनता पर अतिरिक्त बोझ: सलीम अहमद सैफी

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गाजियाबाद मिशन संदेश । घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में 29 रुपये की वृद्धि को लेकर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष सलीम अहमद सैफी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताया है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने मध्यम वर्ग, निम्न आय वर्ग और गरीब परिवारों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। जारी बयान में सलीम अहमद सैफी ने कहा कि देश की जनता पहले से ही खाद्य पदार्थों, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से जूझ रही है। ऐसे समय में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाना आम परिवारों के मासिक बजट पर सीधा प्रभाव डालने वाला निर्णय है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस आज एक आवश्यक घरेलू जरूरत बन चुकी है और इसकी कीमतों में किसी भी प्रकार की वृद्धि का असर सीधे करोड़ों परिवारों पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार गंभीरता से ध्यान देने के बजाय जनता का ध्यान अन्य विषयों की ओर मोड़ने का प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि देश ...

दिव्यांगजनों की राह हुई आसान: बीआरडी गेट से सीआरसी तक अब ई-कार्ट की सुविधा, अभिभावकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी

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  गोरखपुर मिशन संदेश । दिव्यांगजनों की सुविधाओं और उनके सम्मानजनक आवागमन को प्राथमिकता देते हुए सीआरसी गोरखपुर ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब पुनर्वास सेवाओं के लिए सीआरसी आने वाले दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट से केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय नहीं करनी पड़ेगी। आरईसी लिमिटेड (रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड) (Rural Electrification Corporation Limited) के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद से प्राप्त 16 सीटर ई-कार्ट जल्द ही नियमित संचालन में आ जाएगी, जिससे दिव्यांगजनों की यात्रा कहीं अधिक सुगम और सम्मानजनक बन सकेगी। सीआरसी गोरखपुर में प्रतिदिन पूर्वांचल सहित पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में दिव्यांगजन पुनर्वास, चिकित्सा परामर्श, प्रशिक्षण एवं अन्य सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। लेकिन बीआरडी गेट से सीआरसी परिसर की लगभग 700 मीटर दूरी लंबे समय से उनके लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। विशेष रूप से शारीरिक, दृष्टि अथवा बहु-दिव्यांगता से ग्रसित बच्चों और उनके अभिभावकों को इस दूरी को तय करने में काफी कठिनाइयों का सामना करन...

दृष्टिबाधित छात्रों की शिक्षा को नई दिशा: सीआरसी गोरखपुर के सीआरई कार्यक्रम का समापन, 30 से अधिक दिव्यांगजनों को मिले स्मार्टफोन और ब्रेल किट

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गोरखपुर। समावेशी शिक्षा और दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सीआरसी गोरखपुर में आयोजित दो दिवसीय ऑफलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। "दृष्टिबाधित छात्रों के लिए गणित एवं विज्ञान शिक्षण की विधि" विषय पर आधारित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने न केवल पुनर्वास पेशेवरों के ज्ञान और कौशल को समृद्ध किया, बल्कि दृष्टिबाधित बच्चों की शिक्षा को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में भी सार्थक संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर 30 से अधिक दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को स्मार्ट मोबाइल फोन और ब्रेल किट वितरित किए गए, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए 43 प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य दृष्टिबाधित बच्चों को गणित और विज्ञान जैसे जटिल विषयों को सरल, व्यावहारिक और अनुभवात्मक तरीके से पढ़ाने की आधुनिक तकनीकों से पुनर्वास व्यवसायिकों को परिचित कराना था। प्रशिक्षण सत्रों में विशेषज्ञों ने उन चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की, जिनका सामना दृष्टिबाधित विद्यार्थी विज्ञान ...

विश्व पर्यावरण दिवस पर सीआरसी गोरखपुर में वृक्षारोपण: हरियाली के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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गोरखपुर, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीआरसी गोरखपुर परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। "एक पेड़ माँ के नाम, एक कदम हरियाली की ओर" थीम पर आयोजित इस अभियान में दिव्यांग बच्चों, उनके अभिभावकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प दोहराया। यह आयोजन केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर प्रकृति के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम के दौरान परिसर के विभिन्न स्थानों पर छायादार, फलदार एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का रोपण किया गया। वृक्षारोपण में शामिल दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष भावनात्मक आयाम प्रदान किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया। सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल दिव्यांगजन पुनर्वास और प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण जैसी सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समान प्राथमिकता देना है। उन्होंने ...

दृष्टिबाधित छात्रों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान, सीआरसी गोरखपुर में विज्ञान और गणित शिक्षण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

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गोरखपुर। शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर प्रदान करने का सशक्त साधन भी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सीआरसी (कंपोजिट रीजनल सेंटर) गोरखपुर में दृष्टिबाधित छात्रों के लिए विज्ञान और गणित शिक्षण की प्रभावी विधियों पर केंद्रित दो दिवसीय ऑफलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुनर्वास पेशेवरों, शिक्षकों और विशेषज्ञों को ऐसे नवाचारों एवं तकनीकों से परिचित कराना है, जिनकी सहायता से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को जटिल माने जाने वाले विषयों को सहज और प्रभावी ढंग से पढ़ाया जा सके। कार्यक्रम में बतौर रिसोर्स पर्सन पुनर्वास अधिकारी श्री राजेश कुमार यादव, नैदानिक मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री राजेश कुमार, श्री नागेंद्र पांडे तथा पी एंड ओ विभाग के श्री मंजेश कुमार ने अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने दृष्टिबाधित बच्चों के लिए विज्ञान और गणित शिक्षण की विभिन्न तकनीकों, व्यवहारिक चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि सामान्य धारणा के विपरीत विज्ञान और गणित जैसे विषय दृष्...

विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम: समय पर पहचान और उपचार से बदली जा सकती है जिंदगी

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गोरखपुर। विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis-MS) दिवस के अवसर पर सीआरसी (Composite Regional Centre) गोरखपुर में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम (Awareness Programme) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, युवाओं, दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को इस गंभीर लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित न्यूरोलॉजिकल (Neurological) बीमारी के प्रति जागरूक करना था, ताकि समय रहते इसकी पहचान और उचित उपचार संभव हो सके। कार्यक्रम में बतौर रिसोर्स पर्सन (Resource Person) श्री राजेश कुमार एवं डॉ. विजय गुप्ता ने मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लक्षण, निदान (Diagnosis), प्रबंधन (Management) और उपचार की उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) गलती से तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर हमला करने लगती है। इसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान प्रभावित होता है। विशेषज्ञों ने बताया कि बीमारी के शुरुआती लक्षणों में लगातार थकान, हाथ-पैरों में कमजोरी, संतुलन बनाए रख...

दोहरे पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत, MP-MLA कोर्ट ने 7 साल की सजा की निरस्त; राजनीतिक और कानूनी हलकों में नई बहस

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रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान के पुत्र और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को दोहरे पासपोर्ट प्रकरण में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। रामपुर की MP-MLA कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात वर्ष की सजा को निरस्त करते हुए उन्हें बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद न केवल आजम परिवार बल्कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी उत्साह का माहौल देखा गया। यह मामला लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति और न्यायिक विमर्श का हिस्सा रहा है। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पासपोर्ट प्राप्त किए थे। इसी आधार पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था और नवंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद MP-MLA कोर्ट ने राहत प्रदान की है। कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसला अदालत का यह निर्णय केवल एक व्यक्ति को मिली राहत तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि अपीलीय न्यायालय ने मामले के तथ्यों, साक्ष...