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दृष्टिबाधित छात्रों की शिक्षा को नई दिशा: सीआरसी गोरखपुर के सीआरई कार्यक्रम का समापन, 30 से अधिक दिव्यांगजनों को मिले स्मार्टफोन और ब्रेल किट

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गोरखपुर। समावेशी शिक्षा और दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सीआरसी गोरखपुर में आयोजित दो दिवसीय ऑफलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। "दृष्टिबाधित छात्रों के लिए गणित एवं विज्ञान शिक्षण की विधि" विषय पर आधारित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने न केवल पुनर्वास पेशेवरों के ज्ञान और कौशल को समृद्ध किया, बल्कि दृष्टिबाधित बच्चों की शिक्षा को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में भी सार्थक संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर 30 से अधिक दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को स्मार्ट मोबाइल फोन और ब्रेल किट वितरित किए गए, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया। देश के विभिन्न राज्यों से आए 43 प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य दृष्टिबाधित बच्चों को गणित और विज्ञान जैसे जटिल विषयों को सरल, व्यावहारिक और अनुभवात्मक तरीके से पढ़ाने की आधुनिक तकनीकों से पुनर्वास व्यवसायिकों को परिचित कराना था। प्रशिक्षण सत्रों में विशेषज्ञों ने उन चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की, जिनका सामना दृष्टिबाधित विद्यार्थी विज्ञान ...

विश्व पर्यावरण दिवस पर सीआरसी गोरखपुर में वृक्षारोपण: हरियाली के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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गोरखपुर, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीआरसी गोरखपुर परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। "एक पेड़ माँ के नाम, एक कदम हरियाली की ओर" थीम पर आयोजित इस अभियान में दिव्यांग बच्चों, उनके अभिभावकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प दोहराया। यह आयोजन केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर प्रकृति के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम के दौरान परिसर के विभिन्न स्थानों पर छायादार, फलदार एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का रोपण किया गया। वृक्षारोपण में शामिल दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष भावनात्मक आयाम प्रदान किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया। सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल दिव्यांगजन पुनर्वास और प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण जैसी सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समान प्राथमिकता देना है। उन्होंने ...

दृष्टिबाधित छात्रों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान, सीआरसी गोरखपुर में विज्ञान और गणित शिक्षण पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

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गोरखपुर। शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर प्रदान करने का सशक्त साधन भी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सीआरसी (कंपोजिट रीजनल सेंटर) गोरखपुर में दृष्टिबाधित छात्रों के लिए विज्ञान और गणित शिक्षण की प्रभावी विधियों पर केंद्रित दो दिवसीय ऑफलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुनर्वास पेशेवरों, शिक्षकों और विशेषज्ञों को ऐसे नवाचारों एवं तकनीकों से परिचित कराना है, जिनकी सहायता से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को जटिल माने जाने वाले विषयों को सहज और प्रभावी ढंग से पढ़ाया जा सके। कार्यक्रम में बतौर रिसोर्स पर्सन पुनर्वास अधिकारी श्री राजेश कुमार यादव, नैदानिक मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री राजेश कुमार, श्री नागेंद्र पांडे तथा पी एंड ओ विभाग के श्री मंजेश कुमार ने अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने दृष्टिबाधित बच्चों के लिए विज्ञान और गणित शिक्षण की विभिन्न तकनीकों, व्यवहारिक चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि सामान्य धारणा के विपरीत विज्ञान और गणित जैसे विषय दृष्...

विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम: समय पर पहचान और उपचार से बदली जा सकती है जिंदगी

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गोरखपुर। विश्व मल्टीपल स्क्लेरोसिस (Multiple Sclerosis-MS) दिवस के अवसर पर सीआरसी (Composite Regional Centre) गोरखपुर में एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम (Awareness Programme) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों, युवाओं, दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को इस गंभीर लेकिन अपेक्षाकृत कम चर्चित न्यूरोलॉजिकल (Neurological) बीमारी के प्रति जागरूक करना था, ताकि समय रहते इसकी पहचान और उचित उपचार संभव हो सके। कार्यक्रम में बतौर रिसोर्स पर्सन (Resource Person) श्री राजेश कुमार एवं डॉ. विजय गुप्ता ने मल्टीपल स्क्लेरोसिस के लक्षण, निदान (Diagnosis), प्रबंधन (Management) और उपचार की उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) गलती से तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर हमला करने लगती है। इसके परिणामस्वरूप मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान प्रभावित होता है। विशेषज्ञों ने बताया कि बीमारी के शुरुआती लक्षणों में लगातार थकान, हाथ-पैरों में कमजोरी, संतुलन बनाए रख...

दोहरे पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत, MP-MLA कोर्ट ने 7 साल की सजा की निरस्त; राजनीतिक और कानूनी हलकों में नई बहस

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रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान के पुत्र और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को दोहरे पासपोर्ट प्रकरण में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। रामपुर की MP-MLA कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात वर्ष की सजा को निरस्त करते हुए उन्हें बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद न केवल आजम परिवार बल्कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी उत्साह का माहौल देखा गया। यह मामला लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति और न्यायिक विमर्श का हिस्सा रहा है। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पासपोर्ट प्राप्त किए थे। इसी आधार पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था और नवंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद MP-MLA कोर्ट ने राहत प्रदान की है। कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसला अदालत का यह निर्णय केवल एक व्यक्ति को मिली राहत तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि अपीलीय न्यायालय ने मामले के तथ्यों, साक्ष...

बीएसए संतकबीरनगर पर भ्रष्टाचार और मनमानी के गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री से जांच की मांग

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संतकबीरनगर, 27 मई 2026। जनपद संतकबीरनगर के बेसिक शिक्षा विभाग एक बार फिर विवादों में घिरता दिखाई दे रहा है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अमित कुमार सिंह पर भ्रष्टाचार, न्यायालय के आदेशों की अनदेखी तथा मनमाने ढंग से कार्य करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर शिकायतकर्ता विनोद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री एवं शिक्षा महानिदेशक को शिकायती पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार बीएसए पिछले लगभग तीन वर्षों से जिले में तैनात हैं और इस दौरान उन्होंने विभागीय कार्यों में कथित रूप से मनमानी रवैया अपनाया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि विद्यालयों के संचालन से लेकर विभागीय व्यवस्थाओं तक में नियमों की अनदेखी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि विभाग में जातिवाद का माहौल पैदा कर शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न किया जा रहा है। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि न्यायालय एवं शासन के निर्देशों को दरकिनार करते हुए एक सेवा मुक्त मध्याह्न भोजन समन्वयक को पुनः कार्य पर रखकर उससे कार्य लिया जा ...

गोरखपुर के रिशांग ने अंतरराष्ट्रीय परीक्षा में हासिल की ऑल इंडिया 55वीं रैंक, 90 प्रतिशत छात्रवृत्ति से बढ़ाया जिले का मान

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(Report and edit by-Mohammad Sayeed Pathan) गोरखपुर। प्रतिभा और मेहनत के दम पर गोरखपुर के छात्र रिशांग श्रीवास्तव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बीटेक और बीएसएमएस (BSMS) जैसे तकनीकी एवं उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में विदेशों में प्रवेश के लिए आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT Mode Exam) में रिशांग ने ऑल इंडिया स्तर पर 55वीं रैंक प्राप्त करते हुए 90 प्रतिशत छात्रवृत्ति हासिल की है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब देशभर से लगभग पांच लाख परीक्षार्थियों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। रिशांग श्रीवास्तव गोरखपुर के पादरी बाजार स्थित मानस विहार कॉलोनी के निवासी हैं। उनके पिता अखिलेश श्रीवास्तव बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में वरिष्ठ एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता मंजू श्रीवास्तव गृहणी हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले रिशांग की इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है। रिशांग श्रीवास्तव की इस उल्लेखनीय सफलता के बाद उनके परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खु...