दोहरे पासपोर्ट मामले में अब्दुल्ला आजम को बड़ी राहत, MP-MLA कोर्ट ने 7 साल की सजा की निरस्त; राजनीतिक और कानूनी हलकों में नई बहस
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान के पुत्र और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को दोहरे पासपोर्ट प्रकरण में महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। रामपुर की MP-MLA कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सात वर्ष की सजा को निरस्त करते हुए उन्हें बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद न केवल आजम परिवार बल्कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी उत्साह का माहौल देखा गया। यह मामला लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति और न्यायिक विमर्श का हिस्सा रहा है। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पासपोर्ट प्राप्त किए थे। इसी आधार पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था और नवंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए उन्होंने अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद MP-MLA कोर्ट ने राहत प्रदान की है। कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण फैसला अदालत का यह निर्णय केवल एक व्यक्ति को मिली राहत तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह इस बात का संकेत भी है कि अपीलीय न्यायालय ने मामले के तथ्यों, साक्ष...