Top News

एकता, सेवा और व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प के साथ ‘मित्र संघ’ की पहली बैठक में लिया गया ये तीन संकल्प




शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दों पर जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय

(Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh) 

खलीलाबाद संतकबीरनगर । समाज में एकता, सेवा और व्यवस्था परिवर्तन को लेकर जनजागरण एवं जागरूकता अभियान चलाने के उद्देश्य से गठित ‘मित्र संघ’ की पहली बैठक रविवार को बिधियानी, खलीलाबाद स्थित स्वर्गीय राजा विनोद राय सदन में बने मित्र संघ कार्यालय के उद्घाटन के पश्चात आयोजित की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने और लोकतांत्रिक तरीके से आम लोगों की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

बैठक का नेतृत्व मित्र संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपुल राय ने किया। इस दौरान संगठन की कार्यप्रणाली, उद्देश्य और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं के सामने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत चुनौतियां लगातार बनी हुई हैं। ऐसे में केवल शिकायत करने के बजाय इन मुद्दों को लेकर लोगों को जागरूक करना और लोकतांत्रिक तरीके से संबंधित जिम्मेदार संस्थाओं के सामने सवाल रखना जरूरी है।

‘जो काम व्यवस्था नहीं कर पा रही, उसके लिए आवाज उठाएगा मित्र संघ’

राष्ट्रीय अध्यक्ष विपुल राय ने कहा कि मित्र संघ का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि संगठन एकता, सेवा और सकारात्मक व्यवस्था परिवर्तन के लिए काम करना चाहता है। उन्होंने कहा कि शासन-सत्ता और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े लोगों से जनता की अपेक्षाएं रहती हैं। जब आम लोगों की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पाता, तब लोकतांत्रिक तरीके से उन समस्याओं को उठाना नागरिक समाज की जिम्मेदारी भी बनती है।

उन्होंने कहा कि मित्र संघ गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद के साथ-साथ जनहित के मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाएगा। संगठन का प्रयास रहेगा कि लोगों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाए तथा समस्याओं को संबंधित विभागों और अधिकारियों तक तथ्यात्मक तरीके से पहुंचाया जाए।

शिक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल

बैठक में शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। विपुल राय ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के निर्माण की बुनियाद है, लेकिन आज शिक्षा के क्षेत्र में अनेक चुनौतियां दिखाई दे रही हैं। उनके अनुसार शिक्षा का व्यावसायीकरण एक गंभीर विषय है और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच आसान नहीं रह गई है।

मित्र संघ ने शिक्षा व्यवस्था की कमियों को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों की समस्याओं को सामने लाने की बात कही। हालांकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकारी और निजी संस्थानों की भूमिका, संसाधनों की उपलब्धता तथा स्थानीय स्तर पर वास्तविक स्थिति का तथ्यात्मक आकलन भी जरूरी होगा।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जताई चिंता

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर भी सदस्यों ने अपनी चिंता रखी। संगठन की ओर से आरोप लगाया गया कि कई निजी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों पर उपचार के नाम पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है तथा बिलिंग को लेकर पारदर्शिता के सवाल उठते हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाओं, संसाधनों और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता बताई गई।

मित्र संघ ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। संगठन आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को भी जनजागरूकता अभियान का हिस्सा बनाएगा।

रोजगार के सवाल पर युवाओं को जोड़ने की तैयारी

युवाओं के रोजगार को लेकर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में युवा शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार के अवसरों की तलाश में भटक रहे हैं। रोजगार के अवसरों का सृजन, कौशल विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ाना समय की आवश्यकता है।

विपुल राय ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े अवसरों की जानकारी उन तक पहुंचाना जरूरी है। मित्र संघ युवाओं को जोड़कर रोजगार के मुद्दे पर जागरूकता अभियान चलाने की दिशा में काम करेगा।

केवल विरोध नहीं, समाधान की दिशा में पहल का दावा

बैठक में यह बात भी सामने आई कि संगठन का उद्देश्य केवल शासन और व्यवस्था की कमियों को गिनाना नहीं, बल्कि समस्याओं के समाधान की दिशा में संवाद और लोकतांत्रिक प्रयास करना है। संगठन का दावा है कि वह शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर जनता की समस्याओं को समझकर संबंधित विभागों के समक्ष उठाएगा।

मित्र संघ की पहली बैठक में लिए गए संकल्पों के बाद अब देखना यह होगा कि संगठन अपने घोषित उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर किस तरह लागू करता है। जनजागरण और व्यवस्था परिवर्तन की बात तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब संगठन वास्तविक समस्याओं की पहचान, तथ्य जुटाने और संबंधित संस्थाओं से संवाद के साथ ठोस सामाजिक पहल भी कर सके।

बैठक के अंत में सदस्यों ने एकता, सेवा और व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य को आगे बढ़ाने तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का संकल्प दोहराया। बैठक के दौरान सुभाष श्रीवास्तव, बृजेश कुमार शुक्ला,चेतू सिंह, विजेन्द्र कुमार, एन.एन.एच. यादव, संदीप चौहान, अब्दुल सईद, प्रेम सिंह सरकार, तारिक सिद्दीकी, महताब खान, राहुल चौधरी, विशाल चौहान, अनुज चौहान, रश्मी, पवन गौड़, शुभांशु राय, विरबलदेव पाण्डेय, गोलू , रणजीत ,रामअवतार भारती, पवन भाई वर्मा दीपक शर्मा, गुलशन, अतीक खान, फैजान खान, नाजिर अली सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। 


Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh