‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान में दस्तावेजों से लेकर इमरजेंसी एग्जिट तक की जांच, यात्रियों को सुरक्षित सफर के प्रति किया जागरूक
(Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
खलीलाबाद संतकबीरनगर। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर माननीय न्यायालय के आदेश के क्रम में चलाए जा रहे ‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान के तहत संतकबीरनगर यातायात पुलिस ने रोडवेज और स्लीपर बसों की सघन जांच की। अभियान के दौरान बसों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट, चालक-परिचालक से संबंधित अभिलेखों के साथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की गई।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी यातायात अमित कुमार के पर्यवेक्षण में यातायात प्रभारी परमहंस के नेतृत्व में की गई।
बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर हुई जांच
यातायात पुलिस के अनुसार, जनपद के प्रमुख मार्गों, बस स्टैंड और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर रोडवेज तथा स्लीपर बसों को रोककर नियमानुसार चेकिंग की गई। इस दौरान बसों के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, चालक एवं परिचालक के आवश्यक दस्तावेज तथा यातायात नियमों के अनुपालन की स्थिति देखी गई।
इसके साथ ही बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया गया। आपातकालीन निकास (Emergency Exit) सहित अन्य जरूरी सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया गया।
ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार को लेकर निर्देश
चेकिंग के दौरान बस चालकों और परिचालकों को निर्धारित यातायात नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बस में न बैठाने और वाहन को निर्धारित गति सीमा के भीतर संचालित करने की हिदायत दी।
स्लीपर बसों में सुरक्षा मानकों की जांच विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सीधे वाहन की फिटनेस, चालक की सतर्कता और आपात स्थिति में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़ी होती है।
यात्रियों से भी सीधा संवाद
अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू बसों में यात्रा कर रहे यात्रियों से संवाद और उन्हें जागरूक करना भी रहा। यातायात पुलिस ने यात्रियों को सुरक्षित यात्रा, यातायात नियमों के पालन और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना देने के संबंध में जानकारी दी।
‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान के तहत पुलिस का यह प्रयास केवल वाहनों की जांच तक सीमित न रहकर यात्रियों और परिवहन कर्मियों के बीच सुरक्षा को लेकर संवाद स्थापित करने की दिशा में भी देखा जा रहा है।
सिर्फ चेकिंग या नियमित निगरानी—बड़ा सवाल
बसों की सघन चेकिंग सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि जांच अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित रहता है या नियमों के उल्लंघन पर लगातार निगरानी और कार्रवाई की व्यवस्था भी कायम रहती है।
विशेषकर स्लीपर बसों में फिटनेस, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, निर्धारित यात्री क्षमता और चालक की निर्धारित गति जैसे सुरक्षा मानकों की नियमित जांच यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। केवल दस्तावेज पूरे होना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि मौके पर सुरक्षा व्यवस्थाएं वास्तव में कार्यशील हैं या नहीं, इसकी भी समय-समय पर जांच जरूरी है।
यातायात पुलिस के अनुसार, चेकिंग के दौरान जहां भी यातायात नियमों अथवा निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया, वहां संबंधित वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई। पुलिस ने अभियान को आगे भी जारी रखने की बात कही है।
अब निगाह इस पर रहेगी कि ‘मीट एंड ग्रीट’ अभियान के जरिए बस संचालन में सुरक्षा मानकों का अनुपालन कितना स्थायी रूप से सुनिश्चित हो पाता है और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन संचालकों की जवाबदेही किस स्तर तक तय होती है।




Post a Comment