(Edited by Mohammad Sayeed Pathan)
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले 40 दिनों के दौरान करीब 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में अब तक कोई राहत नहीं मिली है। 25 मई के बाद से सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे आम उपभोक्ताओं के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर सस्ते कच्चे तेल का लाभ उन्हें कब मिलेगा।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 71.74 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई (WTI) करीब 68.60 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। हालांकि सप्ताह के दौरान कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन बीते डेढ़ महीने में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
वैश्विक हालात से मिली राहत
विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में सकारात्मक संकेत मिलने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति सामान्य रहने के कारण वैश्विक बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। दूसरी ओर चीन में अपेक्षित स्तर पर मांग नहीं बढ़ने से भी कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
सऊदी अरब द्वारा एशियाई बाजारों में तेल की आपूर्ति बढ़ाने और रणनीतिक भंडार से तेल जारी रहने से वैश्विक बाजार में फिलहाल पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। इसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने निकट भविष्य में तेल की कीमतों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव रहने का अनुमान जताया है।
भारत में क्यों नहीं मिल रही राहत?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल के आधार पर तय नहीं होतीं। इसमें रुपये-डॉलर की विनिमय दर, केंद्रीय और राज्य कर, परिवहन लागत, विपणन मार्जिन तथा तेल कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट का लाभ तुरंत उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाता।
हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में तेल कंपनियां कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
पेट्रोल (प्रति लीटर)
- दिल्ली – ₹102.12
- मुंबई – ₹111.21
- कोलकाता – ₹113.51
- चेन्नई – ₹108.01
डीजल (प्रति लीटर)
- दिल्ली – ₹95.20
- मुंबई – ₹97.83
- कोलकाता – ₹99.82
- चेन्नई – ₹99.66
क्या जल्द मिल सकती है राहत?
कच्चे तेल में आई बड़ी गिरावट के बावजूद घरेलू ईंधन कीमतों का स्थिर रहना उपभोक्ताओं के लिए निराशाजनक है। यदि वैश्विक बाजार में तेल सस्ता बना रहता है और भू-राजनीतिक परिस्थितियां सामान्य रहती हैं, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल आम जनता की नजरें सरकारी तेल कंपनियों और केंद्र सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं।

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