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कान फटे, गर्दन टूटी, कंधा खिसका... आसमान में दहशत के पल; एयर इंडिया की उड़ान में यात्रियों ने झेला मौत जैसा मंजर


(News Edit By-Mohammad Sayeed Pathan)

नई दिल्ली/फुकेट। थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान AI2379 में अचानक आए भीषण एयर टर्बुलेंस ने यात्रियों को जिंदगी के सबसे भयावह पलों से रूबरू करा दिया। कुछ ही सेकंड के तेज झटकों ने विमान के भीतर अफरा-तफरी मचा दी। कई यात्री अपनी सीटों से उछल पड़े, चीख-पुकार गूंजने लगी और देखते ही देखते 12 यात्री व क्रू सदस्य घायल हो गए। किसी के कान का पर्दा फट गया, किसी की गर्दन में गंभीर चोट आई तो किसी का कंधा अपनी जगह से खिसक गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दिल्ली पहुंचने से कुछ पहले विमान अचानक तेज़ी से नीचे आया, जिससे केबिन में हवा का दबाव तेजी से बदल गया। उस क्षण विमान में मौजूद लोगों को ऐसा महसूस हुआ मानो सब कुछ खत्म होने वाला हो। कई यात्रियों ने बताया कि उनकी जिंदगी में पहली बार ऐसा भयावह अनुभव हुआ, जिसे वे शायद कभी भूल नहीं पाएंगे।

एक घायल यात्री के परिजन ने बताया कि अचानक आए दबाव परिवर्तन के कारण उनके भाई के कान का पर्दा क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं कई यात्रियों ने गर्दन, सिर और कंधों में गंभीर दर्द की शिकायत की। जो यात्री सो रहे थे, वे भी झटकों के कारण अपनी सीटों से उछल पड़े। कुछ पल के लिए विमान के भीतर ऐसा माहौल बन गया कि हर कोई अपनी जान बचाने की दुआ कर रहा था।

हालांकि इस भयावह स्थिति के बीच कॉकपिट क्रू ने धैर्य और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतार दिया। लैंडिंग के तुरंत बाद मेडिकल टीमें और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचीं तथा सभी घायलों को प्राथमिक उपचार और विस्तृत स्वास्थ्य जांच के लिए एयरपोर्ट हेल्थ सेंटर भेजा गया।

एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

सिर्फ एक झटका नहीं, विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल

यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि विमानन सुरक्षा और यात्रियों की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञ लगातार सलाह देते हैं कि उड़ान के दौरान सीट बेल्ट हमेशा बांधे रखें, क्योंकि कई बार साफ मौसम में भी अचानक आने वाला क्लियर एयर टर्बुलेंस बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे हादसे यह भी याद दिलाते हैं कि आधुनिक तकनीक के बावजूद प्रकृति के सामने विमानन क्षेत्र को हर पल सतर्क रहना पड़ता है।

क्या होता है एयर टर्बुलेंस?

एयर टर्बुलेंस हवा के असामान्य और अस्थिर प्रवाह के कारण पैदा होने वाली स्थिति है। इसके प्रमुख कारणों में सूर्य की गर्मी से बनने वाली गर्म और ठंडी हवाओं की टक्कर (थर्मल डिस्टरबेंस), पहाड़ी क्षेत्रों से टकराकर बनने वाली वायु तरंगें तथा ऊंचाई पर बहने वाली तेज़ जेट स्ट्रीम और सामान्य हवाओं की गति में अंतर शामिल हैं। कई बार यह टर्बुलेंस बिना किसी बादल या खराब मौसम के भी अचानक आ सकता है, जिससे विमान को तेज झटके महसूस होते हैं।

News Source Newstrack 

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