Report by- Raam Babu
चौरीचौरा गोरखपुर। भोपा बाजार रेलवे क्रॉसिंग संख्या 147 बी पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के स्वरूप को लेकर चौरीचौरा क्षेत्र में विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। व्यापारियों ने कथित तौर पर स्वीकृत वाई-मॉडल के बजाय एल-मॉडल में निर्माण किए जाने का आरोप लगाते हुए बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि बंदी का असर पूरे बाजार में एक समान नहीं रहा। मुंडेरा बाजार की सीमा से भोपा बाजार तक कई दुकानें खुली रहीं, जिससे बाजार में आधे बंद और आधे खुले रहने की स्थिति नजर आई।
व्यापारियों ने ओवरब्रिज में मुंडेरा बाजार की ओर भी निर्माण किए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि यदि पुल का मुंडेरा बाजार की दिशा में हिस्सा नहीं बनाया गया तो आने वाले समय में व्यापारिक गतिविधियों और स्थानीय आवागमन पर इसका असर पड़ सकता है।
व्यापारियों के मुताबिक भोपा बाजार रेलवे क्रॉसिंग पर पहले वाई-मॉडल ओवरब्रिज प्रस्तावित था, जिसमें दोनों दिशाओं में आवागमन की सुविधा की उम्मीद थी। उनका आरोप है कि निर्माण की योजना में बदलाव के बाद इसे एल-मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है और मुंडेरा बाजार की ओर प्रस्तावित हिस्सा शामिल नहीं किया जा रहा है। इसी बदलाव को लेकर व्यापारी और स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं।
विरोध कर रहे व्यापारियों का तर्क है कि ओवरब्रिज का निर्माण केवल शहीद स्मारक की दिशा में होने से मुंडेरा बाजार की ओर आने-जाने वाले लोगों और कारोबारियों को अपेक्षित सुविधा नहीं मिलेगी। हालांकि योजना में बदलाव क्यों किया गया, वर्तमान स्वीकृत नक्शा क्या है और तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर इसके पीछे क्या वजह है, इन सवालों पर आधिकारिक स्थिति सामने आना अभी बाकी है।
बाजार बंदी का असर खरीदारी करने पहुंचे ग्राहकों पर भी पड़ा। दूर-दराज से सामान खरीदने पहुंचे कई लोगों को दुकानें बंद मिलने पर इधर-उधर भटकना पड़ा। दूसरी ओर बाजार का एक हिस्सा खुला रहने के कारण बंदी पूरी तरह प्रभावी नहीं रही।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि मुंडेरा बाजार की ओर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। ऐसे में अब प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी के सामने सबसे बड़ा सवाल केवल विरोध को शांत कराने का नहीं, बल्कि ओवरब्रिज के प्रस्तावित मॉडल और उसमें हुए बदलाव की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने का भी है।
बाजार में विरोध के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौरीचौरा पुलिस बल के साथ क्षेत्र में भ्रमणशील रही। फिलहाल विवाद का केंद्र ओवरब्रिज का निर्माण कार्य है, लेकिन इसका सीधा संबंध स्थानीय व्यापार, आवागमन और भविष्य की बाजार व्यवस्था से जुड़ा होने के कारण आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गंभीर हो सकता है।

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