Top News

ब्रह्मनन्द यादव हत्याकांड: 2 और गिरफ्तार, 7 तक पहुंची संख्या; अब साजिश और भूमिकाओं पर जांच


Review Report by- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh 

संत कबीर नगर। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में 22 सितंबर को हुई ब्रह्मनन्द यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने दो और अभियुक्तों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक सुरेन्द्र यादव और योगेन्द्र यादव को 6 अक्टूबर को गिठनी बाजार स्थित नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया। दोनों की निशानदेही पर दो बांस के डंडे बरामद किए जाने की बात भी पुलिस ने कही है। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक कुल सात अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के अनुसार घटना 22 सितंबर की है। वादी रमाकान्त यादव की शिकायत के मुताबिक ब्रह्मनन्द यादव घर से गिठनी बाजार जा रहे थे। राकेश यादव के घर के सामने पहुंचने पर कथित रूप से पहले उनकी बुलेट मोटरसाइकिल रोकी गई और आंखों में पिसी लाल मिर्च डाल दी गई। इसके बाद लाठी-डंडे और धारदार हथियार से हमला किए जाने का आरोप है। गंभीर रूप से घायल ब्रह्मनन्द यादव को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की पूछताछ में सामने आई कथित वजह

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में गांव की पुरानी रंजिश को हत्या की वजह बताया। पुलिस के मुताबिक अभियुक्तों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान रमाकान्त यादव, उनके भाई ब्रह्मनन्द यादव और श्रीकान्त यादव द्वारा उन्हें धमकाया और परेशान किया जाता था। पुलिस के अनुसार 18 मई 2026 को भी मारपीट की एक घटना हुई थी, जिसके संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था।

पुलिस का दावा है कि इसी कथित रंजिश के चलते ब्रह्मनन्द यादव को रास्ते से हटाने और आगामी प्रधानी चुनाव में रमाकान्त यादव को हराने की योजना बनाई गई थी। पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा घटना के दौरान लाल मिर्च पाउडर डालने और लाठी-डंडों से हमला करने की बात स्वीकार किए जाने का भी पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के अनुसार राकेश यादव द्वारा लोहे की गैंती से वार किए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई।

हालांकि, पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा कही गई बातों और अदालत में साबित होने वाले तथ्यों के बीच अंतर होता है। इसलिए पुलिस के इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि और न्यायिक प्रक्रिया का परिणाम महत्वपूर्ण रहेगा।

सात गिरफ्तारियां, लेकिन घटना की पूरी तस्वीर अभी बाकी

इस मामले में पहले पांच अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब दो और गिरफ्तारियां होने के बाद पुलिस की कार्रवाई का आंकड़ा सात तक पहुंच गया है। बरामदगी में दो बांस के डंडे बताए गए हैं।

लेकिन जांच की दृष्टि से कुछ सवाल अभी भी महत्वपूर्ण हैं। घटना में कथित रूप से लाल मिर्च पाउडर का इस्तेमाल, लाठी-डंडों के साथ धारदार हथियार से हमला और फिर लोहे की गैंती से वार किए जाने का पुलिस ने विवरण दिया है। ऐसे में घटना में इस्तेमाल बताए गए सभी हथियारों की बरामदगी, उनकी फोरेंसिक जांच और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों का क्या निष्कर्ष निकलता है, यह जांच की मजबूती के लिए अहम होगा।

इसके अलावा पुलिस ने राजनीतिक रंजिश और आगामी प्रधानी चुनाव को कथित साजिश की वजह बताया है। ऐसे में जांच में यह स्पष्ट होना भी महत्वपूर्ण होगा कि हत्या के पीछे वास्तव में चुनावी प्रतिद्वंद्विता की कितनी भूमिका थी और इस दावे के समर्थन में पुलिस के पास कौन-कौन से स्वतंत्र साक्ष्य मौजूद हैं।

फिलहाल पुलिस ने दो और गिरफ्तारियां कर मामले में अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया के साथ अब जांच का अगला चरण महत्वपूर्ण होगा।

मामले में सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, लेकिन असली सवाल यही है कि क्या पुलिस की जांच उन सभी कड़ियों को साक्ष्यों के साथ जोड़ पाएगी, जिनके आधार पर हत्या की पूरी साजिश और प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका अदालत के सामने स्पष्ट हो सके?

Post a Comment

Previous Post Next Post
Mission Sandesh
Mission Sandesh