- संतकबीरनगर में त्योहारों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की पैदल गश्त, आयोजकों से संवाद; अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर रहेगी नजर
Reprt mohammad sayyed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर, । नवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए संतकबीरनगर पुलिस ने खलीलाबाद शहर में सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय और कोतवाली प्रभारी जयप्रकाश दूबे के साथ संध्याकालीन पैदल गश्त की। इस दौरान दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन मार्गों, प्रमुख चौराहों, संवेदनशील स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, भ्रमण के दौरान विसर्जन मार्ग पर बिजली के तारों, रास्ते में मौजूद अवरोधों और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों की जांच की गई। जहां आवश्यक कार्रवाई की जरूरत महसूस हुई, वहां संबंधित विभागों को अवगत कराने की बात कही गई।
हालांकि, त्योहारों के दौरान सुरक्षा केवल पुलिस की मौजूदगी और गश्त तक सीमित नहीं रह सकती। विसर्जन मार्गों पर बिजली के तारों की सुरक्षित ऊंचाई, रास्तों से अवरोध हटाना, यातायात का सुचारु संचालन और भीड़ को नियंत्रित करने की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान चिह्नित कमियों को समय रहते दूर कराया जाना जरूरी होगा।
आयोजकों से संवाद, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
सीसीपैदल गश्त के दौरान पुलिस अधिकारियों ने दुर्गा पूजा पंडालों के आयोजकों, संभ्रांत नागरिकों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर शांति, आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने, भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही लोगों से अपील की गई कि किसी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखने की बात कही गई, ताकि भ्रामक संदेशों और अफवाहों के प्रसार पर नियंत्रण किया जा सके।
सुरक्षा के दावों की असली कसौटी विसर्जन के दिन
पुलिस की सक्रियता से त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसकी वास्तविक परीक्षा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के समय होगी। उस दौरान भीड़ का दबाव, यातायात, बिजली के तारों से संभावित खतरे और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा प्रबंधन जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निरीक्षण में सामने आई समस्याओं का समय रहते समाधान होता है या नहीं और विसर्जन मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल के साथ आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी सक्रियता दिखाई है। अब संबंधित विभागों के समन्वय और जमीनी स्तर पर तैयारियों के जरिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि श्रद्धालुओं को पूजा और विसर्जन के दौरान किसी अनावश्यक परेशानी या जोखिम का सामना न करना पड़े।

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