फरियादियों की समस्याएं सुनकर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश, सवाल यह कि कितनी शिकायतों का हुआ वास्तविक समाधान?
संतकबीरनगर, 10 अक्टूबर 2026। आमजन की शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से महुली थाने में शनिवार को थाना समाधान दिवस आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस और राजस्व विभाग से संबंधित फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। अधिकारियों ने विशेष रूप से भूमि विवाद और राजस्व संबंधी मामलों में मौके पर जाकर जांच करने तथा निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में आयोजित समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी धनघटा और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पाण्डेय ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक मामले में दोनों पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
भूमि विवादों में समय पर कार्रवाई की जरूरत
भूमि संबंधी विवाद अक्सर राजस्व अभिलेखों, जमीन की सीमाओं और कब्जे जैसे मुद्दों से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग के बीच समन्वय जरूरी होता है। समाधान दिवस में अधिकारियों ने संबंधित मामलों में स्थलीय निरीक्षण कर निष्पक्ष जांच करने पर जोर दिया।
प्रशासन की ओर से यह भी निर्देश दिया गया कि जिन मामलों में आपसी विवाद बढ़ने की आशंका हो, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए, ताकि समय रहते समाधान कराकर क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
निर्देशों के साथ निस्तारण के आंकड़े भी जरूरी
थाना समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि फरियादियों को प्रभावी राहत दिलाना भी है। इसके लिए यह जानना जरूरी है कि कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं, कितनों का मौके पर निस्तारण किया गया और कितने मामलों में जांच या आगे की कार्रवाई लंबित है।
महुली थाना समाधान दिवस के संबंध में जारी सूचना में शिकायतों की कुल संख्या और मौके पर निस्तारित मामलों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका कि कितने फरियादियों को तत्काल राहत मिली और कितने मामलों में आगे की कार्रवाई की जरूरत है।
समीक्षात्मक पहलू: अधिकारियों के निर्देश तभी प्रभावी माने जाएंगे, जब उनका पालन धरातल पर दिखाई दे। शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, निष्पक्ष जांच और फरियादियों को कार्रवाई की जानकारी देना प्रशासनिक जवाबदेही के महत्वपूर्ण आधार हैं। अब यह देखना होगा कि समाधान दिवस में दिए गए निर्देशों से लंबित मामलों के निस्तारण में कितना सुधार आता है।


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