श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन,सुदामा की श्रीकृष्ण से मित्रता प्रसंग सुनकर भाव विभोर हुए श्रोता
स्वार्थों पर निर्भर मित्रता अधिक दिन नहीं चलती- रवि मयंक जी महाराज
नवी मुंबई ।
श्री राम परमार्थ संस्था, सेक्टर 5 एरोली नवी मुंबई में विगत कई दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का आज अंतिम दिन में व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक रवि मयंक जी मज्ञराज ने कथा का आरंभ हरे कृष्णा हरे कृष्णा..महामंत्र से किया।
उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन कर सबको भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। सुदामा चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सुदामा की भगवान श्री कृष्ण से मित्रता निस्वार्थ थी। इसी लिए सुदामा के पहुंचने पर भगवान उनसे मिलने नगे पैर दौड़े चले आए। मित्र को बिना बताए ही उन्हें सर्व सुख दे दिया। मित्रता तो ऐसी ही होनी चाहिए। मगर आज की मित्रता स्वार्थों पर निर्भर है। इसीलिए अधिक दिन नहीं चलती।
उन्होंने भजनों की प्रस्तुति की तो श्रद्धालु मस्त होकर झूमने लगे। आचार्य जी ने पुष्प वर्षा कर भक्तगणों की अभिनंदन स्वीकार किया। श्रद्धालुओं ने भी फूलों की होली खेलकर माहौल ब्रजमय कर दिया। इसके उपरांत ज्योतिष सेवा केंद्र के संस्थापक पंडित अतुल शास्त्री जी का सम्मान हुवा शास्त्री जी से संस्था के सभी सदस्यों को इन धार्मिक कार्यों के लिए संस्था को बधाई दिया, और कहा ऐसे धार्मिक कार्यक्रम से युवाओं में अच्छी शिक्षा और संस्कार जाता है इस भगावत के मुख्य भूमिका में अध्यक्ष श्याम नारायण पाण्डेय बृजेश कुमार उपाध्याय ब्रह्मदेव पाण्डेय पूर्व लोकसभा प्रत्याशी नवी मुंबई एवं शिवनारण दूबे वसंत लाल तिवारी कमलकान्त शुक्ला और समस्त संस्था के पदाधिकारी ने सभी आये हुए भक्तों का स्वागत किया और प्रसाद वितरण के उपरांत कथा का समापन हुआ।
ज्योतिष सेवा केंद्र
पंडित अतुल शास्त्री
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