बस्ती । योगी राज में हक की लड़ाई लड़ना क्या पाप किसानों गरीब जनता की लड़ाई के लिए मुख्यमंत्री का घेराव का कार्यक्रम सोमवार को तय हुआ था रविवार को सुबह थाना अध्यक्ष हैरैया द्वारा समाजसेवी चंद्रमणि पांडे को जबरदस्ती गाड़ी से उतार कर थाने ले आए लखनऊ जाने का कार्यक्रम उनका बंद करवाना चाहते थे लेकिन पूरे दिन थाने में बैठा कर उनका समय बर्बाद कर रहे थे योगीराज में जनता का हक मांगना किसान भूखे सो जाना यही रामराज्य इनका कहलाता है सांसद विधायक किसानों की सुध कभी नहीं लिया इससे अच्छा और सरकारें द्वारा किसान और जनता को हक की लड़ाई लड़ने के लिए कभी नहीं रोका था लेकिन यह रामराज की सरकार रावण राज से भी बदतर हो गई है इससे क्षेत्र के लोग में काफी आक्रोश है आने वाले समय में किसान इसका करारा जवाब देंगे ऐसी सरकार को किसानों के हक छीन रही है किसान भुखमरी के कगार पर हैं किसानों को लॉलीपॉप देने के लिए सांसद विधायक और प्रतिनिधि किसानों के कलेजे पर आरा चला रहे हैं
बस्ती से लखनऊ निकलने की तैयारी को लेकर घर पहुंचे समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा जी को एस.ओ.हर्रैया ने किया घेराव घंटो चली चर्चा हुई विफल एक दिन पूर्व ही लखनऊ निकलने का प्लान भी नहीं आया काम मय फोर्स पहुंची हर्रैया पुलिस ने उन्हें उनकी जाइलो गाडी संख्या यु.पी.51पी 5514से उतार ले गई हर्रैया थान्हे श्री पाण्डेय ने इसे लोकतंत्र की हत्या व धरती के भगवान किसान नौजवान का अपमान बताया उन्होनें कहा कि शान्तिपूर्ण धरना प्रदर्शन व घेराव कब से प्रतिबन्धित हो गया योगी जनपद आयें न मिलने दिया जाय हम उनके आवास लखनऊ जायें तो जाने न दिया जाय यह शासन प्रसासन की बडी साजिश है या तो उन्हे मुझसे कोई भय है या फिर मेरे जायज मुद्दों का सरकार के पास जबाब नहीं है उन्होने कहा कि इस बार लडाई आर पार की होगी मैं अपनी आवाज लखनऊ पहुंचा कर ही मानूंगा पुलिस कब तक हमें रोकेगी जहां भी रखेगी मैं आमरण अनशन करूंगा व जब भी छोडा जायेगा मैं लखनऊ के लिए प्रस्थान करूंगा जब तक कृषि उत्पाद का दाम नहीं बढाया जायेगा संघर्ष जारी रहेगा अन्यथा सरकार कह दे कि किसानों को लागत का दुगना दाम देने का उनका चुनावी वादा जुमला था ।
बस्ती से अनिल शुक्ला की रिपोर्ट
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