दिल्ली पुलिस ने ये कहा,शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी आज अमित शाह से कर पाएंगे मुलाकात !
शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी 16 फरवरी को (आज) गृहमंत्री अमित शाह से मिलने के दोपहर 2 बजे प्रदर्शनकारी रोड नंबर 13ए से कृष्ण मेनन मार्ग स्थित गृहमंत्री निवास की ओर पैदल मार्च करेंगे। वहीं दिल्ली पुलिस ने कहा है कि हमने शाहीनबाग के प्रदर्शनकारियों से पूछा है कि प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल हैं जो आज होम मिनिस्टर अमित शाह से मिलना चाहते हैं ताकि हम बैठक से पहले योजना बना सकें लेकिन उन्होंने कहा कि वे सभी जाना चाहते हैं। हमने इससे इनकार किया है लेकिन हम देखेंगे कि हम क्या कर सकते हैं। आपको बता दें कि दो माह से धरने पर बैठी और दबंग दादियों के नाम से मशहूर हो चुकी बुजुर्ग सरबरी, नूरजहां और अन्य महिलाओं ने शनिवार कहा है कि वह रविवार को अमित शाह से मिलने जाएंगे।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, कुछ दिन पहले गृहमंत्री ने एक न्यूज चैनल से कहा था कि तीन दिन के भीतर वह सीएए और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों से मिलेंगे, इसलिए ही हम उनसे मिलने जाएंगे। गृहमंत्री के सामने अपना पक्ष रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली समेत पूरे देश के लोगों से अपील की है कि वह पैदल मार्च में शामिल हों।
10 लोगों की अनुमति
गृहमंत्री से मिलने की खबर सुनकर स्थानीय जिलाधिकारी और एसडीएम ऑफिस से कुछ अधिकारी प्रदर्शनस्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों में से केवल दस लोगों को गृहमंत्री से मिलने जाने की बात कही, लेकिन प्रदर्शनकारियों की इस पर सहमति नहीं बनी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनका कोई नेतृत्व नहीं है। वह सभी केंद्र सरकार के इस काले कानून के विरोध में हैं, इसलिए वह सभी जाएंगी। आगे दादियां रहेगी।
शाहीन बाग के लोग क्य बोले
सोनू वारसी
सभी लोगों के अपने-अपने विचार हैं। कोई एक व्यक्ति दूसरे की भावनाओं को कैसे व्यक्त कर सकता है। गृहमंत्री ने मीडिया के माध्यम से हमें न्योता भेजा है। हम उसी के माध्यम से उन्हें बता रहें है कि हम उनसे मिलने जाएंगे।
शकीला बेगम
हम पहले दिन से ही गृहमंत्री से शाहीनबाग आकर हमारी बात सुनने की मांग कर रहे हैं। वह शाहीनबाग के आसपास चुनावी सभा तो करते हैं, लेकिन हमसे मिलने नहीं आए। अब उन्होंने खुला न्योता भेजा है तो हम सब जाएंगे।
शहीदों के लिए रक्तदान
धरनास्थल पर शनिवार को रक्तदान शिविर लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलवामा हमले को याद करते हुए हमने देश के बॉर्डर पर हमारे लिए लड़ रहे सैनिकों के लिए यह रक्तदान शिविर लगाया है।
कलाकार एकत्रित
धरनास्थल पर शनिवार को जामिया के छात्र एकत्रित हुए। उन्होंने प्रदर्शन के समर्थन में पोस्टर और बैनर तैयार किए। पोस्टरों के माध्यम ने छात्रों ने सीएए, एनआरसी व एनपीआर का विरोध किया। केंद्र सरकार की नीतियों को एक वर्ग विशेष के विरोध में बताया।
Source livehibustan
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