इस युवा IPS को हिमाचल खींच लाया प्यार…संभाला SP का कार्यभार


शिमला : 26 साल की उम्र में आईपीएस अधिकारी बने कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन को मोहब्बत केरल कैडर से हिमाचल खींच लाई। बिंदास अधिकारी ने इस बात को कबूल करने से रत्ती भर भी संकोच नहीं किया। दरअसल, किन्नौर व बिलासपुर की पुलिस अधीक्षक रह चुकी साक्षी वर्मा पुलिस अकादमी हैदराबाद में उनकी बैच मेट रही। यहीं से उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। करीब दो साल पहले दोस्ती की परिणीति शादी के रूप में हुई। इस आईपीएस दंपत्ति की एक खास बात और भी है। कार्तिकेयन कर्नाटक के रहने वाले है वहीं उनकी पत्नी साक्षी पंजाब की रहने वाली हैं।
उत्तर और दक्षिण की संस्कृतियों का मेल इस रिश्ते की प्रगाढ़ता को इंगित करता है। खान-पान व रहन-सहन जुदा होने के बावजूद दोनों की केमिस्ट्री बेहद शानदार है।  कार्तिकेयन 26 साल की उम्र में आईपीएस बने तो पत्नी साक्षी वर्मा ने यह मुकाम 24 साल की उम्र में हासिल किया था। दोनों ही 2014 के बैच में पुलिस अकादमी में पहुंचे थे। आईपीएस बनने के बाद कार्तिकेयन को केरल कैडर आबंटित हुआ था। पत्नी को हिमाचल कैडर मिला था। करीब पांच साल तक केरल में काबलियत का बखूबी डंका बजाने के बाद कार्तिकेयन ने हिमाचल कैडर में आने की इच्छा जाहिर की, ताकि पारिवारिक जीवन की जिम्मेदारी उठा सकें। करीब 6 महीने पहले ही हिमाचल कैडर में आए।
कोचीन में पुलिस कप्तान के रूप में सेवाएं दे चुके कार्तिकेयन की बतौर पुलिस अधीक्षक हिमाचल में पहली पारी है। वो भी एक संवेदनशील जिला की। इस जनपद में खनन व ड्रग माफिया के अलावा हादसों पर अंकुश बड़ी चुनौती होगी। उल्लेखनीय है कि पत्नी साक्षी वर्मा ने जब बतौर एसपी किन्नौर में पारी शुरू की थी तो उनकी उम्र 28 साल 6 महीने के आसपास थी। इस उम्र में हिमाचल में एसपी बनने वाली पहली महिला अधिकारी बनने की संभावना पहले भी जताई गई थी। मूलतः कर्नाटक के रहने वाले कार्तिकेयन ने  बैंगलोर से ही बीडीएस की पढ़ाई की है। पिता 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
बहरहाल, उम्मीद की जाती है कि यंग अधिकारियों के हाथ में कमान आने से लाजमी तौर पर कानून व्यवस्था में धरातल पर बदलाव आ सकते हैं। दीगर है कि ऊना के पुलिस अधीक्षक की पत्नी व आईपीएस अधिकारी साक्षी वर्मा का तबादला दो दिन पहले ही ऊना की बनगढ़ बटालियन में बतौर कमांडेंट हुआ है। इससे पहले वो बिलासपुर में पुलिस अधीक्षक के तौर पर कार्यरत थी।
युवाओं को संदेश….
बेबाक तरीके से मन की बात कहने वाले आईपीएस कार्तिकेयन ने युवाओं से कड़ी मेहनत व समर्पण से मुकाम हासिल करने की बात कही है। एक अहम सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मार्गदर्शन बेहद ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि किसी तरह की कोई कोचिंग नहीं ली थी, लेकिन पिता आईपीएस अधिकारी रहे, लिहाजा जब बीडीएस करने के बाद यूपीएससी का लक्ष्य निर्धारित किया तो पिता गाइड बने। ऊना को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन ने कहा कि जन आंकाक्षाओं की कसौटी पर खरा उतरने का हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि कार्यभार संभालते ही जनपद से जुड़ी पुलिस व्यवस्था को लेकर फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। होमवर्क पूरा होते ही योजना पर क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा। उनका यह भी कहना था कि केरल व हिमाचल में काफी भिन्नता है। उन्होंने कहा कि केरल में अपने अनुभव का यहां लाभ लेने की कोशिश करेंगे।


MBM न्यूज़ नेटवर्क


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