जिले में आयोजित हुआ चौथा मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला, 3217 मरीजों को आरोग्‍य मेले में हुआ इलाज, 34 रेफर


  3217 मरीजों को आरोग्‍य मेले में इलाज, 34 रेफर


- नगरीय स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मगहर में विधायक जय चौबे ने किया स्‍वास्‍थ्‍य मेले का उदघाटन
- 2 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों समेत कुल 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगा आरोग्‍य मेला


संतकबीरनगर ।
प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे आरोग्य मेले में जिले के 2 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों समेत कुल 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क जांच व इलाज की सुविधा दी गई। शहरी क्षेत्र मगहर में मेले का शुभारंभ खलीलाबाद के विधायक दिग्विजय नारायण चतुर्वेदी उर्फ जय चौबे ने किया। इसके अतिरिक्‍त अन्‍य  क्षेत्रों में भी क्षेत्रीय प्रतिनिधियों ने मेले का उद्घाटन किया। मेले में मौसमी बुखार की जांच के अलावा प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के साथ गर्भवती, बाल और किशोर स्वास्थ्य से जुड़ी जांच पर खास जोर रहा।



इस दौरान कुल 3217 मरीजों का इलाज किया गया, इनमें से 34 को रेफर किया गया,नगरीय स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मगहर में स्‍वास्‍थ्‍य मेले का उदघाटन  खलीलाबाद के विधायक जय चौबे ने किया।


इस अवसर पर विधायक जय चौबे ने मेले का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह सरकार की एक महत्‍वाकांक्षी योजना है। लोगों तक स्‍वस्‍थ बनाने के लिए सरकार निरन्‍तर प्रयत्‍नशील है। इस आयोजन में स्वयंसेवी योगदान के लिए निजी क्षेत्र के चिकित्सकों को भी आगे आने चाहिए। प्रयास हो कि मेले में वह सभी सुविधाएं एक ही जगह पर लोगों को मिल जाएं जिसके लिए उन्हें बाकी दिनों में कामकाज छोड़कर अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।



मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ हरगोविन्‍द सिंह ने बताया कि 20 ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जबकि 2 शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर मार्च 2020 तक लगातार प्रत्येक रविवार को स्वास्थ्य मेले लगाए जाने हैं। मेले का आयोजन सुबह दस बजे से अपराह्न 2.00 बजे तक किया जाएगा। मेले के नोडल अधिकारी डॉ ए के सिन्‍हा ने बताया कि कुल 3217 मरीजों का मेले में इलाज किया गया। इसमें 1087 पुरुष, 1567 महिला तथा 563 बच्‍चे शामिल थे।



इस अवसर पर मेले के नोडल अधिकारी डॉ ए के सिन्‍हा समेत, एसीएमओ आरसीएच डॉ मोहन झा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एस रहमान, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एसडी ओझा, जिला कुष्‍ठ रोग अधिकारी डॉ वेद प्रकाश पाण्‍डेय, एपीडेमियोलाजिस्‍ट मुबारक अली, डीपीएम विनीत श्रीवास्‍तव, डीसीपीएम संजीव सिंह, जिला समन्‍वयक आर के एस के दीनदयाल वर्मा, मनीष मिश्रा, प्रमुख तौर से मौजूद रहे।
 


मेले में सबसे अधिक रहे सांस के रोगी
आज के मेले में सांस के रोगियों की संख्‍या सबसे अधिक 400 रही। जबकि लीवर के 139, मधुमेह के 144, उदर रोग के 373, चर्म रोग के 354 रोगी रहे। इसके अतिरिक्‍त 171 गर्भवती महिलाओं की जांच, 24 कुपोषित बच्‍चों की जांच, तथा अन्‍य मौसमी रोगों से ग्रसित 1612 लोगों की जांच की गई। इसके अतिरिक्‍त 34 मरीजों को उच्‍च स्‍वास्‍थ्‍य इकाइयों के लिए रेफर किया गया।


मेले में मिलीं सुविधाएं


·         बुखार समेत मौसमी बीमारियों की जांच


·         गर्भवती व बच्चों का टीकाकरण


·         दवा और सभी पैथालॉजी की जांच निःशुल्क


·         निःशुल्क सैनेटरी नैपकीन वितरण


·         नसबंदी के लिए पंजीकरण


·         आंखों की निःशुल्क जांच


·         क्षय रोग की जांच


·         परिवार नियोजन के अस्थायी साधन का निःशुल्क वितरण



आयुष्मान का 89 गोल्डेन कार्ड भी बना
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में आयुष्मान भारत योजना के स्टॉल लगा कर 89 लोगों के गोल्डेन कार्ड भी बनाए गए। सीएमओ ने बताया कि प्रत्येक रविवारीय स्वास्थ्य मेले में प्रयास होगा कि ज्यादा से ज्यादा केंद्रों पर कैंप लगा कर लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड की सुविधा प्रदान की जाए।



अधिकारियों ने देखी मेले की व्‍यवस्‍था
मेले की व्‍यवस्‍था को बेहतर बनाए रखने के लिए जिले तथा मण्‍डल के अधिकारी भी निरन्‍तर चक्रमण करते रहे। अपर स्‍वास्‍थ्‍य निदेशक बस्‍ती मण्‍डल डॉ सी के शाही ने नगरीय स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र मगहर और चुरेब के मेले का निरीक्षण किया। वहीं जिलाधिकारी रवीश गुप्‍ता ने चुरेब में मेले का जायजा लिया। जबकि सीएमओ डॉ हरगोविन्‍द सिंह ने हरिहरपुर, धनघटा और पौली में जाकर मेले का निरीक्षण किया। उन्‍होने स्‍टालों पर जाकर मेले की गतिविधियों के बारे में जाना तथा मेले में आए लोगों से उनका कुशल क्षेम भी पूछा।


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