कोरोना वायरस का ये है खात्मे का तरीका


चीन के वुहान शहर से दुनियाभर में फैल रहे जानलेवा कोरोनावायरस को लेकर जगह-जगह शोधकार्य जारी है। इस वायरस से अकेले चीन में मरने वालों की संख्या 1100 से ज्यादा हो चुकी है। वहीं, इससे संक्रमण के 44 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नया नाम दिया है। ये नाम है 'कोविड-19' (COVID 19)। को - कोरोना, वि- वायरस, डी - डीजीज। 19 इसलिए क्योंकि, पहली बार इसकी पहचान 2019 में की गई।



 हाल ही में जर्मनी की रूह्र यूनिवर्सिटी (Ruhr University, Germany) और यूनिवर्सिटी ऑफ ग्रीफ्सवॉल्ड के विशेषज्ञों ने मिलकर कोरोनावारय पर एक स्टडी की है। इन्होंने कोरोनावायरस पर किए गए करीब 22 अध्ययनों के आंकड़ों का विश्लेषण भी किया। इसमें उन्हें चौंकाने वाली बातें पता चलीं। इसके बारे में आगे की स्लाइड्स में बता रहे हैं।




अध्ययन में खुलासा हुआ है कि ये वायरस (Coronavirus) अन्य फ्लू वारयस की तुलना में करीब चार गुना ज्यादा लंबे समय तक जिंदा रह सकते हैं। आमतौर पर प्लू के वायरस दो से तीन दिनों तक जिंदा रहते हैं।



ये सिर्फ संक्रमित इंसानों के संपर्क में आने से ही नहीं फैलते, बल्कि निर्जीव वस्तुओं से भी संक्रमण फैला सकते हैं।



लकड़ी, ग्लास, प्लास्टिक या धातु से बनी चीजों (जैसे - दरवाजों, गाड़ियों के हैंडल, आदि) पर कोरोनावायरस नौ दिनों तक जिंदा रह सकते हैं। जबकि 4 डिग्री या उससे कम तापमान में ये वायरस एक महीने से भी ज्यादा समय तक जीवित रह सकते हैं।



जबकि 30 डिग्री या इससे ज्यादा तापमान में इस वायरस के जीवित रहने की क्षमता कम हो जाती है


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