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कोरोना वायरस पर जारी हुई एडवायजरी, चीन से आने वालों पर रखें निगरानी


संतकबीरनगर ।


कोरोना वायरस को लेकर जिले के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए चीन से आने वाले लोगों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह कहा है कि कोई भी व्‍यक्ति जो पिछले 14 दिनों के अन्‍दर चीन से आया है, वह आगे आने वाले 28 दिनों तक अपना आवागमन सीमित रखे। अगर जिले में ऐसा कोई भी व्‍यक्ति मिलता है तो इसकी सूचना तुरन्‍त ही आशा कार्यकर्त्ता के माध्‍यम से जिले के स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों को दें।


जिले के मुख्‍य चिकित्‍साधिकारी डॉ हरगोविन्‍द सिंह ने यह एडवाइजरी जारी करते हुए निर्देश दिया है कि ऐसे व्‍यक्ति जिन्‍होने पिछले 14 दिनों के दौरान चीन की यात्रा की है और उसे अचानक बुखार, खांसी अथवा सांस लेने में परेशानी होती हो तो वे तत्‍काल अपने निकटवर्ती राजकीय चिकित्‍सालय को सूचना देकर निशुल्‍क जांच व उपचार कराएं। ऐसे व्‍यक्ति जिन्‍होने चीन की यात्रा की है लेकिन उसके अन्‍दर ये तीनों लक्षण न हों तो वह 28 दिनों तक अपना आवागमन यथासंभव सीमित रखें।


यह है कोरोना का हेल्‍पलाइन नम्‍बर


कोरोना से बचाव के लिए हेल्‍प लाइन भी जारी की गई है। इस हेल्‍प लाइन नम्‍बर 18001805145 पर सम्‍पर्क किया जा सकता है। यह हेल्‍प लाइन डीजी कण्‍ट्रोल रुम लखनऊ का है। कोरोना से सम्‍बन्धित कोई भी जानकारी हो या फिर किसी को कोई परेशानी हो तो वे वहां पर निदान के लिए तत्‍काल सम्‍पर्क किया जा सकता है।


रैपिड रिस्‍पांस टीम है चौकस


सीएमओ ने कोरोना वायरस को लेकर एक रैपिड रिस्‍पांस टीम का गठन किया है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ ए के सिन्‍हा इस टीम के प्रमुख होंगे। टीम में एसीएमओ वेक्‍टर वार्न डॉ वी पी पाण्‍डेय, पैथालॉजिस्‍ट डॉ रामानन्‍द, फिजीशियन डॉ एस डी ओझा, विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के सर्विलांस मेडिकल आफिसर व डॉ मुबारक अली, एपीडेमियोलाजिस्‍ट ( महामारी रोग विशेषज्ञ ) शामिल हैं। यह टीम पिछले तीन दिनों से निगरानी में लगी हुई है।  



नहीं है दवा, लक्षणों के आधार पर इलाज


एपीडेमियोलाजिस्‍ट डॉ मुबारक अली ने बताया कि कोरोना की कोइ दवा नहीं है। बीमार आदमी के शरीर के अन्‍दर व्‍याप्‍त लक्षणों के आधार पर ही इलाज किया जाता है। मसलन अगर संक्रमित व्‍यक्त्‍िा को बुखार है तो बुखार का, सर्दी हे तो सर्दी की दवा दी जाती है।  अलग से इसकी कोई भी दवा नहीं है।


संक्रमण के खतरे को कम करने के उपाय


इसके बारे में एसीएमओ वेक्‍टर बार्न डॉ वीपी पाण्‍डेय ने बताया कि सक्रमण के खतरे को कम करने के लिए अपने हाथ साबुन और पानी या अल्‍कोहल युक्‍त हैण्‍ड रब से धुलें। खांसते और छींकते हुए अपने नाक और मुंह को टिश्‍यूपेपर या मुड़ी हुई कुहनी से ढंके। जिन्‍हें सर्दी या फ्लू के लक्षण हों, उनसे करीबी सम्‍पर्क बनाने से बचें। मांस  और अण्‍डे को अच्‍छे से पकाएं। जंगली और खेतों में रहने वाले जन्‍तुओ यथा मुर्गी, सूअर और चमगादड़ों आदि के साथ असुरक्षित सम्‍पर्क न बनाएं ।                                                    


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