मुख्‍यमन्‍त्री आरोग्‍य स्‍वास्‍थ्‍य मेले के दौरान जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ, डीएम और सीएमओ सहित तमाम अधिकारियों ने भी खाई दवा


संतकबीरनगर । जिले में लगने वाले तीसरे मुख्‍यमन्‍त्री आरोग्‍य स्‍वास्‍थ्‍य मेले के दौरान जिले में फाइलेरिया अभियान का शुभारंभ भी किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी रवीश गुप्‍त के साथ ही मुख्‍य चिकित्‍साधिकारी (सीएमओ) और जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) व मेले के नोडल अधिकारी ने फाइलेरिया निरोधक दवाइयों की गोलियां खाई । वहीं दूसरी तरफ जनपद की 25 स्‍वास्‍थ्‍य इकाइयों पर लगे इस स्‍वास्‍थ्‍य मेले में 4 हजार से अधिक लोगों ने स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाओं लाभ लिया।  


मगहर नगरीय स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र पर फाइलेरिया अभियान का शुभारंभ नगर पंचायत मगहर की अ‍ध्‍यक्ष संगीता वर्मा ने फीता काटकर तथा फाइलेरिया की दवा खाकर किया। इस दौरान सीएमओ डॉ हरगोविन्‍द सिंह ने कहा कि  वर्ष 2004 से भारत सरकार नेदेश भर में लिम्फैटिक फाइलेरियासिस  के संक्रमण से बचाव के लिए सभी प्रभावित जिलों में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) राउंड आयोजित किये हैं। एमडीए के दौरान डब्ल्यूएचओ से अनुशंसित की गई दवाइयां,  डाइथेलकार्बामोजाइन साइट्रेट (डीईसी) और अलबेंडाजोल को उन सभी लोगों, फ़ाइलेरिया के संक्रमण से बचाव के लिए उपलब्ध करायी जा रही है, जिन्हें इस रोग के होने का खतरा है । जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने कहा कि इस रोग के संक्रमण को कम करने के लिए यह दवाई ऐसे क्षेत्र में रहने वाल़े सभी लोगों को खिलाई जाती है जो कि एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। क्योंकि इन प्रभावित क्षेत्र में रह रहे समुदाय में सभी लोगों को फ़ाइलेरिया के संक्रमण होने का खतरा है, इसलिए यह ज़रूरी है कि सभी लोग एमडीए दवाइयों  या फ़ाइलेरिया रोधी दवाइयों का सेवन सुनिश्चित करें।



मेले में पहुंचे हुए जिलाधिकारी रवीश गुप्‍त ने कहा कि समुदाय के लोगों में इस बीमारी और इस रोग के इलाज में प्रयोग में आने वाली एमडीए दवाइयों के लाभ के बारे में अधिक जानकारी न होने से ज़्यादातर लोग दवाई का सेवन नहीं करतें हैं। यदि कुछ लोगों ने दवाई नहीं खायी है तो पूरे समुदाय को फ़ाइलेरिया से खतरा बना रहता है। जिला सर्विलांस अधिकारी तथा मेले के नोडल डॉ ए के सिन्‍हा ने कहा कि हर समुदाय के सभी सदस्यों को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है, कि वह स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की निगरानी में यह दवाएं लें और दूसरे लोगों को भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित करें। हम में से हर एक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह एमडीए को सफल बनाएं। मेले के दौरान जिन 4031 लोगों की जांच हुई उनमें 1537 पुरुष, 1845 महिलाएं तथा 659 बच्‍चे शामिल हैं।



मेले के दौरान एसीएमओ डॉ मोहन झा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एस रहमान, जिला स्‍वास्‍थ्‍य शिक्षा अधिकारी वेद प्रकाश यादव, सहायक मलेरिया अधिकारी सुनील चौधरी, आर के एस के समन्‍वयक दीनदयाल वर्मा, आरबीएसके पिण्‍टू कुमार, एपीडेमियोलाजिस्‍ट डॉ मुबारक अली, एसीएमओ वेक्‍टर बार्न, डॉ वी पी पाण्‍डेय, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एसडी ओझा समेत अन्‍य लोग उपस्थित रहे।



आयुष्मान का 164 गोल्डेन कार्ड भी बना


मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में आयुष्मान भारत योजना के स्टॉल लगा कर 164  लोगों के गोल्डेन कार्ड भी बनाए गए। सीएमओ डॉ हरिगोविन्‍द सिंह  ने बताया कि प्रत्येक रविवारीय स्वास्थ्य मेले में प्रयास होगा कि ज्यादा से ज्यादा केंद्रों पर कैंप लगा कर लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड की सुविधा प्रदान की जाए।



फाइलेरिया दीर्घकालिक विकलांगता का प्रमुख कारण


एसीएमओ वेक्‍टर वार्न डॉ वी पी पाण्‍डेय ने बताया कि फ़ाइलेरिया या हाथीपांव एक दर्दनाक और लाइलाज रोग है। इसके कारण शरीर के अंगों में सूजन आती है , हालांकि इस रोग से आसानी से बचा जा सकता है। यह रोग मच्छर के काटने से  ही फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार फाइलेरिया  दुनिया भर में दीर्घकालिक विकलांगता के प्रमुख कारणों में से एक है। आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इसका इलाज न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन  होती है। फ़ाइलेरिया से जुड़ी विकलांगता जैसे लिंफोइडिमा (पैरों में सूजन) और हाइड्रोसील (अंडकोष की थैली में सूजन) के कारण पीड़ित लोगों को अक्सर सामाजिक बोझ सहना पड़ता है, जिससे उनकी आजीविका व काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है।


 


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