धनघटा-सन्त कबीर नगर।
सरकार भले ही सौ जतन कर डाले भ्रष्टाचार रोकने के लिए,लेकिन भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाले जिले के कुछ नामचीन अधिकारियों के सामने सब कुछ झूठा साबित हो रहा है।
इसी तरह का एक मामला धनघटा तहसील में तैनात पूर्ति निरीक्षक श्री सौरभ गोस्वामी का आया है ।
इनके द्वारा कोटेदारों की एक मीटिंग में खुले तौर पर भ्रष्टाचार करने की छूट देते हुए मौजूदा सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के सपने को ठेंगा दिखाने का काम किया जा रहा है।
वीडियो में यह बात सुनी जा सकती है कि शिकायत होने पर विभाग द्वारा नोटिस जारी करने पर घबराने की जरूरत नहीं है,यह मात्र कोरम पूर्ति है।
पूर्ति निरीक्षक यह भी समझा रहे हैं कि जिन कोटेदारों ने वितरण रजिस्टर नहीं बनाया है।
वे अपने -अपने थानों पर अतिशीघ्र रजिस्टर जल गया है,गायब हो गया है आदि कि सूचना दे दें।
जिससे शिकायत कर्ता गुमराह होने के साथ साथ शासन की छवि भी धूमिल हो रही है।
आर टी आई ऐक्टिविस्ट मुहम्मद अकरम खान ने पूर्ति निरीक्षक धनघटा के विरूद्ध जिलाधिकारी श्री रविश गुप्ता को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग किए हैं।
पूर्ति निरीक्षक की इस हरकत से तहसील धनघटा के सभी थानाध्यक्षों को सतर्क रहते हुए इस तरह की झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने वाले कोटेदारों के साथ साथ पूर्ति निरीक्षक के विरूद्ध भी विधिक कार्यवाही करने की मांग की गई है।
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