शाहीन बाग में प्रदर्शन से जाम हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई


नई दिल्ली ।
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग में पिछले करीब दो महीने से चल रहे विरोध-प्रदर्शन के कारण बंद रास्ता खुलवाने वाली याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। 7 फरवरी को पिछली सुनवाई में शीर्ष अदालत ने यह कहते हुए याचिका की सुनवाई टाल दी थी वह दिल्ली विधानसभा चुनाव को 'प्रभावित' नहीं करना चाहता है। गौरतलब है कि दिल्ली में 8 फरवरी को वोट जाले जा चुके हैं और मंगलवार को रिजल्ट आना है।
क्या कहा था सुप्रीम कोर्ट ने


पिछली सुनवाई में जस्टिस एस के कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की पीठ ने कहा, 'हम इस बात को समझते हैं कि वहां समस्या है और हमें देखना होगा कि इसे कैसे सुलझाया जाए। हम सोमवार को इस पर सुनवाई करेंगे। तब हम बेहतर स्थिति में होंगे।' जब याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश वकील ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आठ फरवरी को मतदान होना है तो पीठ ने कहा, 'हम इसलिए ही तो कह रह रहे हैं कि सोमवार को आइए। हमें उसे प्रभावित क्यों करना चाहिए?' पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वह सोमवार को इस बात पर बहस करने के लिए तैयार होकर आएं कि इस मामले को दिल्ली हाई कोर्ट को वापस क्यों नहीं भेजा जाना चाहिए।



शाहीन में बाग में करीब 2 महीने से प्रदर्शन
गौर करने वाली बात है कि राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में CAA और NRC के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शन को करीब दो महीने पूरे होने वाले हैं। यह प्रदर्शन रोड नं. 13ए पर हो रहा है जिसके चलते इस सड़क के जरिए 15 दिसंबर से आवाजाही पूरी तरह से बंद है। दिल्ली और नोएडा के बीच सफर करने वालों को इस वजह से काफी दिक्कत हो रही है। इन लोगों को दूसरे रास्ते से जाने पर दो से 3 घंटे अतिरिक्त लग रहे हैं।



 दो याचिकाओं पर आज सुनवाई
याचिकाकर्ता के वकील अमित साहनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने पहले हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। अर्जी में कहा गया था कि दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया जाए कि वह शाहीन बाग और कालिंदी कुंज इलाके के बीच ट्रैफिक का रास्ता खोले। 15 दिसंबर से CAA के खिलाफ प्रदर्शन के कारण शाहीन बाग इलाके में सड़क जाम है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति के हिसाब से स्थानीय अथॉरिटी से कदम उठाने को कहा था। वहीं पूर्व एमएलए नंद किशोर गर्ग की ओर से अलग से अर्जी दाखिल की गई है। पब्लिक प्लेस और सड़कों पर प्रदर्शन रोकने के लिए केंद्र सरकार को गाइडलाइंस बनाए जाने का निर्देश देने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई गई है। याचिकाकर्ता ने कहा कि शाहीन बाग इलाके में सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाया जाना चाहिए। सड़कों पर प्रदर्शन और धरने के कारण पब्लिक प्लेस पर अवरोध पैदा होता है।


 


Source NBT


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