आरोपियों के पोस्टर हटाने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ, योगी सरकार पहुँची सुप्रीम कोर्ट


लखनऊ
यूपी में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हुई हिंसा के मामले में आरोपियों के पोस्टर को हटाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सीएए हिंसा के आरोपियों के पोस्टर को हटाने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। इस मामले में गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई की जाएगी।


सुप्रीम कोर्ट गुरुवार सुबह इस मामले पर अपनी सुनवाई करेगा। यूपी सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसे जस्टिस गोविंद माथुर और रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने बीते हफ्ते दिया था।



हाई कोर्ट ने बताया था राइट टू प्रिवेसी का उल्लंघन
हाई कोर्ट ने लखनऊ में हिंसा के आरोपियों के पोस्टर लगाने के फैसले को राइट टू प्रिवेसी का उल्लंघन बताया था। हाई कोर्ट ने इन सभी पोस्टरों को 16 मार्च तक हटाने के आदेश दिए थे। इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी। योगी सरकार की इसी याचिका पर गुरुवार सुबह 10 बजे उच्चतम न्यायालय की बेंच सुनवाई करेगी।



100 प्रमुख चौराहों पर लगे हैं पोस्टर
इससे पहले लखनऊ जिला प्रशासन ने फरवरी महीने में हुई हिंसा के मामले में लखनऊ के 100 प्रमुख चौराहों पर हिंसा में कथित रूप से शामिल लोगों के नाम और पते के साथ पोस्टर लगवाए थे। लखनऊ में 57 लोगों को पुलिस और प्रशासन द्वारा रिकवरी नोटिस भेजा गया था।


 


Sabhaar NBT


 


Comments

Popular posts from this blog

मीडिया में बड़े बदलाव की जरूरत ?:- डॉ अजय कुमार मिश्रा

सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा लगायी गयी प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी एवं विकासपरक योजनाओं पर आधारित, तीन दिवसीय प्रदर्शनी का सीडीओ ने किया समापन

डीएम की अध्यक्षता में किसान दिवस : श्री अन्न की खेती के लिए दिया गया जोर