बिहार में हुई ऐसी अनोखी शादी,दूल्हा-दुल्हन की खूब हो रही है चर्चा



पटना,। किसी भी धर्म में वैवाहिक कार्यक्रम उनके धर्म से संबंधित पवित्र स्थल जैसे मंदिर या घरों में पूरे विधि विधान के साथ आज तक होते आए हैं, लेकिन बेगूसराय जिले के बलिया अनुमंडल क्षेत्र में संपन्न हुई एक अनोखी शादी आम लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गई है। इस शादी में ना ही स्टेज-मंडप था ना ही शादी की कोई पार्टी या किसी तरह के भोज का आयोजन था। ना ही शादी में किसी तरह का खर्च किया गया था। जिसने इस शादी को देखा, सबने सराहा। 


पार्क में शादी के लिए तैयार एक जोड़े ने किसी मंदिर में या अन्य पारंपरिक रीति-रिवाजों के जरिये शादी रचाने के बजाय बाबा साहब भीमराव अमबेडकर की प्रतिमा को साक्षी मानकर प्रतिमा के समक्ष एक दूसरे को माला पहनाकर जीने-मरने की कसमें खाईं और फिर माला पहनाने के बाद एक-दूसरे का मुंह मीठा किया। यह शादी गुरुवार की रात्रि संपन्न हुई। 



जानकारी के अनुसार इस वैवाहिक कार्यक्रम में खगडिय़ा जिला के मछरहा निवासी ललन दास के पुत्र अमित दास की शादी बलिया प्रखंड क्षेत्र के भगतपुर निवासी प्रकाश दास की पुत्री कल्याणी कुमारी के साथ तय हुई थी। निर्धारित तिथि पर जब बारात बलिया आई तब रविदास संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं की टोली भी वहां पहुंची और दोनों पक्षों को इस बात के लिए राजी किया कि वे धार्मिक परंपरा से अलग हटकर शादी करेंगे।


 


जिसके बाद वर-वधू और दोनों तरफ के बाराती-सराती बलिया के अंबेडकर पार्क स्थित आम्बेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचे और उनकी प्रतिमा को ही साक्षी मानकर उसके सात फेरे लिए। ऐसा पहली बार देखने को मिला जहां महापुरुषों की प्रतिमा को ही साक्षी मानकर वर-वधू ने शादी रचा ली और सात जन्मों तक एक दूसरे का साथ ना छोडऩे की कसम खाई। उपस्थित लोगों ने वर-वधू को शुभ आशीष देते हुए उनके मंगल दांपत्य जीवन की कामना की।


 


Saabhar jnn



 

 

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