मध्यप्रदेश सियासत की उथल-पुथल के बीच कमलनाथ सरकार को मिला जीवनदान, पीएम और गृहमंत्री की महत्वपूर्ण चर्चा भी रखती है मायने
नई दिल्ली, आइएएनएस। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नेतृत्व वाली कमलनाथ सरकार को सोमवार को राहत मिली। राज्य विधानसभा को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच मध्य प्रदेश की सियासी गर्माहट के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा की।
अमित शाह और पीएम मोदी ने सोमवार को पीएम के संसद भवन कार्यालय के भीतर मुलाकात की और गुजरात में राज्यसभा चुनाव के अलावा मध्य प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की।केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और धर्मेंद्र प्रधान दोनों मध्य प्रदेश के घटनाक्रम को करीब से देख रहे हैं, वह संसद भवन कार्यालय में अमित शाह के साथ बैठक करेंगे।
इस बीच, भाजपा ने मध्य प्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।शीर्ष अदालत मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई के लिए तैयार हो गई है।इससे पहले भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने भाजपा द्वारा विरोध के बीच राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान के दिन को 26 मार्च तक विधानसभा सत्र स्थगित करने के लिए इस्तेमाल किया था।
गुजरात में भी टूट रहे कांग्रेस के विधायक, 4 का इस्तीफा
मध्य प्रदेश के बाद गुजरात में भी कांग्रेस के विधायक टूट रहे हैं। 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले पार्टी के चार विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। त्रिवेदी ने विधायकों का त्यागपत्र मंजूर कर लिया है। जिन विधायकों ने त्यागपत्र दिया है, उनमें प्रवीण मारू (गढडा), सोमा पटेल (लींबडी), जेवी काकडिया (धारी) और प्रद्युम्न सिंह जाडेजा (कच्छ अबडासा) शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि दो और विधायक- जीतू चौधरी और मंगल गावित भी त्यागपत्र देने के लिए तैयार हैं। टूट-फूट की आशंका से ग्रस्त कांग्रेस ने अपने 14 विधायकों को शुक्रवार को जयपुर भेज दिया था। लेकिन, इसके बावजूद पार्टी के चार विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।
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