नागरिकता संसोधन कानून से डर से 60 साल बाद गाँव पहुँचे शमीम बेग,पप्पू शाही से मिलकर जुटाई अपने सम्पत्ति की जानकारी


संतकबीरनगर । परिवार के साथ बचपन में अपने पैतृक स्थान नगर पंचायत हरिहरपुर को छोड़ गोरखपुर में बस गए 69 वर्षीय शमीम बेग को सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) का डर सताया तो सोमवार को हरिहरपुर पहुंच गए। उन्होंने पूर्व चेयरमैन रवींद्र प्रताप शाही उर्फ पप्पू शाही से मुलाकात की और अपनी संपत्ति के बारे में जानकारी जुटाई। युवा वर्ग तो उनके नाम तक से परिचित नहीं थे, लेकिन हमउम्र के लोग उन्हें देखते ही पहचान गए और गले मिलकर उनका गर्मजोशी के साथ अभिवादन किया।



 नगर पंचायत हरिहरपुर के रहने वाले शमीम बेग बताते है कि जब उनकी उम्र महज नौ साल की थी, तो उनका पूरा परिवार बिजनेस के सिलसिले में 60 साल पहले ही अपनी जायदाद छोड़कर गोरखपुर चले गए थे। तभी से उनका परिवार गोरखपुर में ही बस गया। 60 साल बाद जब उनकी आंखें बूढ़ी हो गई, तो अचानक नागरिकता संशोधन कानून का खौफ इस कदर सताने लगा कि वह सोमवार को अपने पैतृक स्थान नगर पंचायत हरिहरपुर पहुंच गए। जब उन्होंने नगर के लोगों को अपने बारे में बताया तो सभी दंग रह गए



CAA के डर से शमीम बेग अपने गांव पहुंच गए
बुजुर्ग मैनुद्दीन खां, मोहम्मद हनीफ, मोहब्ब तुन्निशा, इकरार और छेदी खां ने बचपन के दोस्त शमीम बेग को पहचान लिया और गले मिलकर उनका स्वागत किया। शमीम बेग ने दोस्तों को पाकर बचपन की यादे सांझा की। इतना ही नहीं शमीम बेग की बूढ़ी आंखे हरिहरपुर के विकास को निहार रही थी। उन्होंने कहा कि कभी यह वीरान हुआ करता था, लेकिन अब तो यहां का विकास महानगरों की तर्ज पर हुआ है। उनके घर को जाने वाले मार्ग पर कभी दो से ढाई फिट गड्ढा हुआ करता था, लेकिन आज चौड़ी चमचमाती सड़क बन गई है।


 


Sabhar amarujala


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