सीएए और एनआरसी के विरुद्ध लखनऊ में चल रहे प्रदर्शन के खिलाफ,, दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज
लखनऊ के घंटाघर में चल रहे नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध में प्रदर्शन के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया है. याचिकाकर्ता को कहा कि आप हाई कोर्ट जाए. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली. वकील शिशिर चतुर्वेदी ने अपनी याचिका में प्रदर्शन को तत्काल बंद करवाने की मांग की थी.
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने सामाजिक योगिता भयाना की जनहित याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. योगिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ नाटक करने पर कर्नाटक के बीदर में स्कूल टीचर और नाटक में भाग लेने वाली बच्ची की मां के खिलाफ दर्ज हुए देशद्रोह के मामले को रद्द करने की मांग की थी.
योगिता की याचिका खारिज
योगिता भयाना ने अपनी याचिका में इस कानून के दुरूपयोग से निपटने के लिए मैकेनिज्म बनाने की भी मांग की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि योगिता भयाना इस मामले में प्रभावित पार्टी नहीं हैं अगर प्रभावित लोग याचिका दाखिल करेंगे तो हम जरूर सुनेंगे.
भूमि अधिग्रहण एक्ट पर अहम फैसला
भूमि अधिग्रहण कानून पर केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने सरकार के फैसले पर मुहर लगा दी है. पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने इस एक्ट की धारा 24ए की व्याख्या की. पीठ ने अपने फैसले में कहा कि किसी भी विवाद या अड़चन की वजह से अगर पूरा मुआवजा भुगतान नहीं हो पाता है तो अधिग्रहीत भूमि पर कब्जा रद्द नहीं होगा.
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की सुनवाई 18 मार्च को
इसके अलावा एक और मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फौरी राहत दी है. दरअसल, राष्ट्रपति भवन-इंडिया गेट के बीच नए संसद भवन, नई इमारतों वाले सेंट्रल विस्टा के लिए DDA को लैंड यूज बदलने की इजाजत के खिलाफ याचिका सुप्रीम कोर्ट 18 मार्च को सुनेगा, फिलहाल कोर्ट ने DDA को रोकने वाला आदेश देने से मना किया. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पुरानी इमारतों पर असर नहीं है, जरूरी नए निर्माण होने है.
Sabhar aajtak
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