लॉकडाउन के दौरान मनरेगा के श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान के लिए,सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
- सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय और निखिल डे ने SC में लगाई याचिकामनरेगा में काम की अवधि को बढ़ाकर 200 दिन करने की भी की गई मांग
दिल्ली ।
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए मोदी सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन कर रखा है, जो 14 अप्रैल तक चलेगा. लॉकडाउन की वजह से लोग अपने घरों में ही रह रहे हैं और कामकाज ठप हो गया है. इस लॉकडाउन में सबसे ज्यादा दिक्कत गरीबों और मजदूरों को हो रही है. इन लोगों को दो वक्त का खाना भी ठीक से नहीं मिल पा रहा है. लॉकडाउन की वजह से कई प्रवासी मजदूर तेजी से पलायन भी कर रहे हैं.
अब सुप्रीम कोर्ट में कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से मजदूरों पर पड़ रहे असर को लेकर एक और याचिका दाखिल की गई है. इस याचिका में लॉकडाउन के दौरान मनरेगा के श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान करने का आदेश देने की मांग की गई है.
याचिका में कहा गया है कि मनरेगा के मजदूरों को यह मजदूरी ये समझकर दी जाए, मानो वो काम कर रहे हैं. इसके साथ ही याचिका में लॉकडाउन की वजह से पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों को अस्थायी जॉब कार्ड मुहैया कराने और मनरेगा में काम की अवधि को 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन करने की मांग की गई है.
सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय और निखिल डे ने दाखिल की है, जिसमें शीर्ष कोर्ट से इस संबंध में गाइडलाइन जारी करने की मांग की गई है.
याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए प्रशांत भूषण ने इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई करने की अपील की है. अब सुप्रीम कोर्ट सात अप्रैल को इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है.
आपको बता दें कि चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने भारत समेत पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है. हिंदुस्तान में कोरोना वायरस के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं. भारत में कोरोना वायरस के मरीजों का आंकड़ा 2900 के पार पहुंच गया है, जिनमें से 77 लोगों की मौत हो चुकी है.
वहीं, दुनियाभर में कोरोना वायरस की चपेट में आने वालों की संख्या बढ़कर 11 लाख 30 हजार से ज्यादा हो चुकी है, जिनमें से 60 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना वायरस के मरीजों और इससे मरने वालों का आंकड़ा बेहद तेजी से बढ़ रहा है.
Source aajtak
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