- यूपी में कोरोना ने पसारे अपने पैर कई जिलों तक पहुंचा
- कोरोना वायरस कानपुर से काशी तक कोरोना की मार
लखनऊ । उत्तर प्रदेश का नोएडा कोरोना वायरस का केंद्र बनता जा रहा है. राज्य में कोरोना के कुल 278 केस सामने आए हैं और इनमें 58 सिर्फ नोएडा से हैं. सिर्फ इतना ही नहीं यूपी में कोरोना ने नोएडा के जरिए ही दस्तक दी थी, जब यहां के दो परिवार इटली से एक शख्स के बच्चे की बर्थडे पार्टी में शामिल हुए थे. इसके साथ ही कोरोना आगरा पहुंचा. नोएडा-आगरा के ये शुरुआती केस मार्च के पहले हफ्ते में आए थे और अब एक महीना गुजरने के बाद कोरोना वायरस मेरठ से लेकर लखनऊ और कानपुर से लेकर काशी तक पहुंच गया है.
नोएडा के अलावा यूपी के दूसरे शहरों में भी कोरोना वायरस तेजी से पैर पसार रहा है. मेरठ में अबतक 25 मामले सामने आ चुके हैं. ताज नगरी आगरा में 47 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. गाजियाबाद में 23 और सहारनपुर में 13 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं.
यूपी के दोनों ही बड़े शहरों कानपुर और वाराणसी में सात-सात मामले सामने आ चुके हैं. काशी में एक शख्स की मौत हो गई है, जिसकी रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव मिली है. 5 मार्च को ही वाराणसी के इस शख्स की कोरोना रिपोर्ट आई है, जिसके बाद यहां के चार इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. जिला प्रशासन ने मदनपुरा, बजरडीहा, लोहता और गंगापुर के 4 इलाकों में कर्फ्यू लगाया है.
यूपी के कई जिलों तक कोरोना फैल गया है. लखनऊ, शामली, महाराजगंज, बरेली, गाजीपुर, बस्ती, लखीमपुर, हाथरस, फिरोजाबाद, प्रतापगढ़, जौनपुर, हापुड़, बुलंदशहर, आजमगढ़, राय बरेली, पीलीभीत, मिर्जापुर, बांदा, बागपत, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, औरैया, हरदोई और बाराबंकी से कोरोना के केस सामने आ चुके हैं.
तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के केस भी यूपी से सामने आए हैं. 5 मार्च को ही राजधानी लखनऊ के सदर बाजार इलाके से 12 तबलीगी जमात के लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. ये सभी लोग दिल्ली के मरकज में गए थे. सदर बाजार इलाके की इस घटना के बाद कैंट इलाका भी सील कर दिया गया है.
भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में 5 अप्रैल शाम 6 बजे तक कोरोना के कुल 3219 एक्टिव केस हैं. जबकि 274 मरीज ठीक हो चुके हैं और 83 की मौत हो गई है. फिलहाल, सबसे ज्यादा केस दिल्ली में हैं. दिल्ली में 503, महाराष्ट्र 490 और तमिलनाडु 485 केस के साथ सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित राज्य हैं. यूपी में केस की संख्या 300 के नीचे है और यहां तीन लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 19 मरीज ठीक हो गए हैं.
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