निवेश मित्र के लंबित प्रकरण जल्द निपटाने के निर्देश, GBC 5.0 के लिए 2,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य
By- Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh
संतकबीरनगर। जिले में उद्योग, निवेश और स्वरोजगार को गति देने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु समिति, जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति और स्वरोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों और बैंक स्तर पर अटके ऋण आवेदनों को लेकर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में उपायुक्त उद्योग ने निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों की स्थिति प्रस्तुत की। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को लंबित प्रकरणों का जल्द निस्तारण करने को कहा। ऐसे में सवाल यह भी है कि निवेश और उद्योग से जुड़े मामलों के समय पर निस्तारण में देरी की वजह क्या है और लंबित प्रकरणों की नियमित निगरानी किस स्तर पर हो रही है।
स्वरोजगार योजनाओं में बैंक स्तर पर अड़चन दूर करने के निर्देश
उपायुक्त उद्योग ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना और एक जनपद एक व्यंजन वित्त पोषण योजना की प्रगति की जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने अग्रणी जिला प्रबंधक, एसबीआई और उपायुक्त उद्योग को इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से बैंकों में लंबित आवेदन पत्रों का लगातार फॉलोअप करने और शाखा स्तर पर स्वीकृति एवं ऋण वितरण के लिए लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने पर जोर दिया गया।
सरकारी योजनाओं में आवेदन और लक्ष्य निर्धारित होना एक पक्ष है, लेकिन वास्तविक लाभ तभी माना जाएगा जब पात्र आवेदकों को समय पर बैंक स्वीकृति और ऋण वितरण मिल सके। ऐसे में आने वाले समय में इन निर्देशों का असर बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों की संख्या और वास्तविक ऋण वितरण में कितना दिखाई देता है, यह महत्वपूर्ण होगा।
GBC 5.0 के लिए 2,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य
बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत प्राप्त एमओयू और आगामी GBC 5.0 के लिए तैयार प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि GBC 5.0 का आयोजन नवंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है और संतकबीरनगर के लिए 2,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को अधिक से अधिक एमओयू हस्ताक्षरित कराने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित लक्ष्य पूरा किया जा सके।
हालांकि निवेश लक्ष्य निर्धारित करना शुरुआती चरण है। इसकी वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि प्रस्तावित निवेश में से कितनी परियोजनाएं धरातल पर उतरती हैं, कितने रोजगार अवसर पैदा होते हैं और कितनी परियोजनाएं निर्धारित समय में क्रियान्वित होती हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के लिए अस्पताल का मुद्दा उठा
बैठक में उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द पाठक ने खलीलाबाद औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों के लिए डिस्पेंसरी/अस्पताल के संचालन का मुद्दा उठाया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को इस प्रकरण पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
औद्योगिक विकास के साथ श्रमिकों के लिए बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि बैठक में उठाया गया यह मुद्दा केवल निर्देशों तक सीमित रहता है या औद्योगिक क्षेत्र में वास्तविक स्वास्थ्य सुविधा शुरू कराने की दिशा में ठोस कार्रवाई होती है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी, उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार वर्मा, उपायुक्त राज्य कर राजेश कुमार, सहायक आयुक्त उद्योग जितेंद्र गौतम, लीड बैंक मैनेजर पवन कुमार सिन्हा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, उद्यमी और व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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