राम नवमीं पर जहां रहती थी लाखों की भीड़, आज वहां पसरा सन्नाटा,



अयोध्या. रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब राम नवमी (Ram Navmi) पर पूरे शहर में सन्नाटा पसरा रहा. राम नवमी के मौके पर धर्मनगरी अयोध्या ही नहीं, संसार भर के सनातन धर्मावलंबी अपने आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान के इस धरा पर अवतरित होने के मौके पर उमड़ते थे. लेकिन, इस बार कोरोना वायरस (Coronavirus) और लॉकडाउन की वजह से पूरा शहर सूना रहा.



लॉक डाउन की वजह से इस बार राम जन्मभूमि परिसर में स्थित रामलाला विराजमान मंदिर सहित अयोध्या के सभी मंदिरों और घरों में राम जन्मोत्सव मनाया तो गया, लेकिन पूरी सादगी से. डीएसपी सिटी अरविन्द चौरसिया ने बताया कि वायरस के चलते लॉकडाउन का पालन कराने के लिए प्रशासन ने आवागमन की अनुमति नहीं दी है. अयोध्यावासी और राम भक्तों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लॉकडाउन का अक्षरशः पालन करके देश और दुनिया को एक बड़ा संदेश दिया है.





आज के दिन जुटती थी लाखों की भीड़




प्राचीन काल से चली आ रही चैत्र मास की नवमी पर्व के अवसर पर राम जन्मोत्सव में अयोध्या श्रद्धालुओं से खचाखच भरी रहती थी. श्रद्धालुओं के विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों से चमकता रहता था और धार्मिक जयघोष से गुंजायमान भी रहता था. जन्मोत्सव के दौरान मंदिरों में श्रद्धालुओं का रेला इस कदर बढ़ जाता था कि प्रशासन के लिए भीड़ नियंत्रण करना भी किसी चुनौती से कम नहीं होती थी. लेकिन, इस बार दृश्य कुछ अलग है. जो प्रशासन श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर उनकी सुरक्षा और सुविधा की व्यवस्था करता था, वहीं इस बार अयोध्या की सीमाओं से लेकर सभी स्थलों पर निगरानी कर रहा है. एक भी श्रद्धालु अयोध्या में प्रवेश न कर पाएं इसके लिए बैरीकेडिंग की गई है.

अयोध्या के संत व धर्माचार्यों ने भी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अयोध्या न आएं और अपने घरों में ही राम जन्मोत्सव को धार्मिक रीति रिवाज से संपन्न करें. यही वजह है कि अयोध्या सूनी है.

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