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सड़क सुरक्षा पर सख्त हुए डीएम, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई



(सईद पठान की रिपोर्ट)

संतकबीरनगर। सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह सीधे-सीधे आम नागरिकों के जीवन और सुरक्षा से जुड़ा हुआ विषय है। इसी दृष्टि से आज जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने तथा सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए ठोस कदमों पर मंथन किया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व जयप्रकाश और अपर जिलाधिकारी न्यायिक चंद्रेश कुमार सिंह सहित जिले के तमाम जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे।

सड़क सुरक्षा पर गहन समीक्षा

बैठक में जिलाधिकारी ने पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों की कार्यवाही रिपोर्ट पर सवाल उठाए और कमियों की ओर ध्यान दिलाया। एनएचएआई मार्ग पर झाड़ियों की सफाई, पटरियों और नालियों की मरम्मत तथा अवैध कट्स को बंद करने जैसे बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मार्ग के किनारों की अव्यवस्था सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

आपदा के समय त्वरित सहायता पर जोर

बैठक में यह भी खुलासा हुआ कि एनएचएआई मार्ग पर दुर्घटना की स्थिति में एम्बुलेंस की व्यवस्था तो है, लेकिन क्रेन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए एनएचएआई प्रतिनिधि को तत्काल क्रेन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि दुर्घटना के बाद सड़क पर जाम और अन्य परेशानियों से बचा जा सके।

यातायात सुधार के ठोस कदम

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गलत साइड पर चलने वाले और नो-पार्किंग में खड़े वाहनों पर नियमित कार्रवाई होनी चाहिए तथा चालान की संख्या का भी स्पष्ट रिकॉर्ड रखा जाए। साथ ही परिवहन और पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि जिले में अभियान चलाकर सभी मालवाहक वाहनों—विशेषकर ट्रैक्टर-ट्रॉली—के पीछे रेडियम रिफ्लेक्टर पट्टियाँ अनिवार्य रूप से लगाई जाएं।

यातायात को व्यवस्थित करने के लिए उन्होंने नगर पालिका और यातायात अधिकारी को टैक्सी स्टैंड सुव्यवस्थित करने तथा ई-रिक्शा के लिए रूट निर्धारण करने के निर्देश दिए। मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाने और सुरक्षा संकेतक स्पष्ट रूप से दर्शाने पर भी बल दिया गया।

ब्लैक स्पॉट्स और सुरक्षा जागरूकता

जिलाधिकारी ने जिले के सभी ब्लैक स्पॉट पर टेबल टॉप रंबल स्ट्रिप बनाने का आदेश दिया और हेलमेट व सीट बेल्ट के पालन पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई के साथ-साथ जनता को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार भी तेज किया जाए।

स्कूल वाहनों पर विशेष सख्ती

बैठक का अहम हिस्सा स्कूली वाहनों की सुरक्षा रही। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को सख्त निर्देश दिए कि जिले के सभी स्कूली वाहनों का सौ प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। परमिट और फिटनेस की जांच समय-समय पर होनी चाहिए और अनफिट वाहन किसी भी हाल में बच्चों की जान को जोखिम में डालते हुए नहीं चलने चाहिए। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि यदि किसी भी विद्यालय में अनफिट वाहन पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों की मौजूदगी

बैठक में उप जिलाधिकारी खलीलाबाद अरुण कुमार, उप जिलाधिकारी मेहदावल संजीव राय, उप जिलाधिकारी (न्यायिक) रविकांत चौबे, उप जिलाधिकारी धनघटा डॉ. सुनील कुमार, अपर उप जिलाधिकारी सुधीर कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी (यातायात) अभय मिश्रा, तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा, नायब तहसीलदार हरेराम यादव, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग विमल कुमार, यातायात निरीक्षक परमहंस, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका खलीलाबाद अवधेश भारती और एनएचएआई प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


🔎 यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि प्रशासन अब सड़क सुरक्षा को केवल औपचारिकता के रूप में नहीं, बल्कि जनजीवन की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर जिम्मेदारी मानकर आगे बढ़ रहा है। सवाल यह है कि विभागीय निर्देश और योजनाएँ कितनी तेजी से जमीनी हकीकत में बदलती हैं।

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