संतकबीरनगर। बखिरा थाना क्षेत्र के बभनी चौराहे पर 18 जून की रात हुई आनंद की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस की जांच अभी भी अधूरी नजर आ रही है। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद घटना में शामिल बताए जा रहे अज्ञात हमलावरों तक पुलिस की पहुंच नहीं बन सकी है। कई दिन बीत जाने के बाद भी शेष आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों और ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है। वहीं पुलिस का दावा है कि जांच तेज गति से जारी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
18 जून की रात बभनी चौराहे पर आनंद की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया था और कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छह विशेष टीमें गठित की थीं, जिनमें तीन जिलों की एसओजी और स्थानीय पुलिस को भी लगाया गया। इसके बावजूद अब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न हो पाना जांच की गति पर सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिस अब तक मुख्य आरोपी नासिर, निरहु उर्फ साकिर अली और जयगम उर्फ अजमल हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि पुलिस का मानना है कि वारदात में अन्य लोग भी शामिल थे, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि मुख्य आरोपी नासिर घटना से पहले और बाद में एक विशेष मोबाइल नंबर पर लगातार संपर्क में था। पुलिस इसी कड़ी को आधार बनाकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उस नंबर के पीछे कौन लोग हैं और उनका हत्या की साजिश या वारदात में क्या रोल था। यदि यह तकनीकी साक्ष्य मजबूत साबित होते हैं तो अज्ञात आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।
इधर, कोलकी चमरसन और कुसम्हा गांव में एहतियातन पुलिस बल की तैनाती अभी भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों गांवों में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद जब तक सभी दोषियों को कानून के दायरे में नहीं लाया जाता, तब तक पीड़ित परिवार को न्याय मिलने का एहसास नहीं होगा। लोगों का यह भी मानना है कि यदि पुलिस के पास तकनीकी साक्ष्य और कई जांच टीमें सक्रिय हैं, तो अज्ञात आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी के कारणों को भी स्पष्ट किया जाना चाहिए।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्व दवन सिंह ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है तथा जल्द ही शेष आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।
फिलहाल यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच की प्रभावशीलता की कसौटी बन गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अज्ञात आरोपी कब तक कानून के शिकंजे में आते हैं और पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय कब मिल पाता है।

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