सरदार पटेल विद्यालय में यातायात नियमों और नारी सशक्तिकरण पर जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन



(रिपोर्ट -मोहम्मद सईद पठान मान्यता प्राप्त पत्रकार)

खलीलाबाद, संतकबीरनगर।
सरदार पटेल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैरमपुर, खलीलाबाद में शुक्रवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को यातायात जागरूकता अभियान और नारी सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने बच्चों को समझाया कि सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन न केवल उनके लिए बल्कि समाज के हर नागरिक के लिए आवश्यक है। बच्चों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, सड़क पार करते समय सावधानी बरतने तथा मोबाइल फोन का प्रयोग न करने जैसी बारीकियों से अवगत कराया गया।

साथ ही, नारी सशक्तिकरण अभियान के तहत छात्राओं और छात्रों दोनों को महिलाओं के अधिकार, शिक्षा का महत्व, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता के बारे में विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि लड़कियां समाज की रीढ़ हैं और उन्हें शिक्षा तथा आत्मरक्षा दोनों में सक्षम बनाना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में यातायात प्रभारी परमहंस ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, सड़क पार करने के नियम, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी और यातायात संकेतों का पालन करने की जरूरत पर विस्तार से जानकारी दी। परमहंस ने बच्चों को यह भी बताया कि छोटी-सी लापरवाही एक बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए हर नागरिक को यातायात नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।

साथ ही नारी सशक्तिकरण पर भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सीखने, उच्च शिक्षा प्राप्त करने और समाज में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज और देश की प्रगति संभव नहीं है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों की सोच सकारात्मक दिशा में विकसित होती है। छात्र-छात्राएँ न केवल खुद जागरूक बनते हैं बल्कि समाज में भी दूसरों को जागरूक करने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में बच्चों से यह संकल्प दिलवाया गया कि वे सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे और नारी सम्मान व समानता को समाज में बढ़ावा देंगे।

विद्यालय के शिक्षकों ने भी बच्चों को प्रेरित किया कि वे अपने परिवार और समाज में इन संदेशों को साझा करें और दूसरों को भी यातायात नियमों एवं महिला सम्मान की ओर जागरूक करें।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने ऐसी जागरूकता गतिविधियों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया ताकि आने वाली पीढ़ी सुरक्षित, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बन सके।

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