गैंग बनाकर कई घरों में चोरी करने के आरोपी की जमानत निरस्त, अदालत ने माना अपराध की गंभीरता


(Report Mohammad Sayeed Pathan)

संतकबीर नगर। जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संगठित गिरोह बनाकर कई घरों में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को अदालत से राहत नहीं मिली। प्रभारी सत्र न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी बलजीत यादव की जमानत अर्जी गुरुवार को खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विशाल श्रीवास्तव ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए आरोपी के आपराधिक इतिहास और बरामदगी के ठोस साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए।

जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने बताया, मामला बखिरा और बेलहर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां बीते दिनों चोरों के एक सक्रिय गिरोह ने कई घरों को निशाना बनाया था। बखिरा थाना क्षेत्र के लडुआ महुआ उत्तरी, मंगल बाजार निवासी शिवकुमारी ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि अज्ञात चोर उनके घर से सोने के जेवरात और नकदी चोरी कर ले गए। इसी तरह बखिरा थाना क्षेत्र के ही सिहोरवा निवासी अविनाश तिवारी ने भी तहरीर दी थी कि उनके घर से चोरों ने जेवरात के साथ करीब 1 लाख 23 हजार रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया।

इसके अलावा बेलहर थाना क्षेत्र के बेलहर कला निवासी इसहाक ने भी पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि चोर उनके घर में घुसकर कीमती जेवरात और नकदी चोरी कर ले गए। एक ही समयावधि में अलग-अलग स्थानों पर हुई इन चोरी की घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था।

लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर की सूचना के आधार पर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने गैंग बनाकर चोरी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किया गया माल भी बरामद कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में बलजीत यादव पुत्र पूरनमल यादव, निवासी बोक्ता, थाना गीडा, जनपद संतकबीर नगर प्रमुख रूप से शामिल है। उसके साथ अन्य सहयोगियों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी बलजीत यादव ने सत्र न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी के कब्जे से चोरी का माल बरामद हुआ है, जो उसके अपराध में संलिप्तता को स्पष्ट करता है। उन्होंने यह भी बताया कि बलजीत यादव का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके विरुद्ध जनपद संतकबीर नगर के साथ-साथ गोरखपुर जनपद में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस तरह का आरोपी समाज के लिए खतरा है और उसे जमानत पर रिहा किया जाना न्यायहित में नहीं होगा।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रभारी सत्र न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता, बरामदगी और आरोपी के आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए बलजीत यादव की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। अदालत के इस निर्णय से क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ सख्त संदेश गया है और पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

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