भारत में एचपीवी (HPV) वैक्सीन को लेकर अफवाह और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
1. भारत में HPV वैक्सीन कब शुरू हुई?
भारत में Human Papillomavirus (HPV) से बचाव के लिए वैक्सीन का उपयोग लगभग 2008 के आसपास शुरू हुआ। शुरुआत में निजी अस्पतालों में यह टीका उपलब्ध था।
बाद में सरकार और कई स्वास्थ्य संस्थाओं ने इसके महत्व को देखते हुए टीकाकरण कार्यक्रमों में इसे बढ़ावा देना शुरू किया, क्योंकि भारत में महिलाओं में होने वाले Cervical Cancer (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) के मामलों की संख्या काफी अधिक है।
2. भारत में कौन-कौन सी HPV वैक्सीन उपलब्ध हैं?
भारत में मुख्य रूप से ये वैक्सीन उपलब्ध हैं:
Gardasil
Cervarix
Cervavac (भारत की स्वदेशी HPV वैक्सीन)
स्वदेशी वैक्सीन Cervavac को भारत की कंपनी Serum Institute of India ने विकसित किया है, जिसे 2022 में मंजूरी मिली। इसका उद्देश्य वैक्सीन को सस्ता और अधिक लोगों तक उपलब्ध कराना है।
3. भारत में HPV वैक्सीन की कीमत
अस्पताल और शहर के अनुसार कीमत अलग-अलग हो सकती है।
लगभग कीमत:
Gardasil: 3000 – 4000 रुपये प्रति डोज
Cervarix: 2500 – 3500 रुपये प्रति डोज
Cervavac: लगभग 2000 रुपये या इससे कम प्रति डोज
कुछ राज्यों में सरकार इसे मुफ्त या कम कीमत पर भी उपलब्ध कराने की योजना चला रही है।
4. लड़कों को HPV वैक्सीन क्यों दी जाती है?
अक्सर लोग सोचते हैं कि यह टीका केवल लड़कियों के लिए है, लेकिन डॉक्टर अब लड़कों को भी लगाने की सलाह देते हैं।
कारण:
पुरुषों में भी HPV से गले, गुदा और लिंग का कैंसर हो सकता है
वायरस के फैलाव को रोकने में मदद मिलती है
समाज में संक्रमण कम होता है
5. क्या HPV वैक्सीन लगवाना जरूरी है?
डॉक्टरों के अनुसार यह वैक्सीन कैंसर से बचाव के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन World Health Organization भी 9–14 वर्ष की उम्र में लड़कियों को यह टीका लगाने की सलाह देता है।
✅ महत्वपूर्ण सलाह:
टीका लगवाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या स्त्री-रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी होता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer):
यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्य के लिए प्रस्तुत की गई है। एचपीवी वैक्सीन, उसके उपयोग, लाभ और संभावित दुष्प्रभाव से संबंधित विवरण AI स्रोतों पर आधारित हैं। किसी भी प्रकार का टीकाकरण करवाने से पहले योग्य चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
इस जानकारी का उद्देश्य किसी व्यक्ति को बिना चिकित्सकीय सलाह के उपचार या टीकाकरण के लिए प्रेरित करना नहीं है। टीके से संबंधित निर्णय व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही लिया जाना चाहिए।
नोट -इस खबर के बाद आपकी बताएंगे HPV वैक्सीन को लेकर भारत में विवाद क्यों हुआ था,

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