दिव्यांग सशक्तिकरण की मिसाल बना गोरखपुर का समेकित कौशल विकास एवं पुनर्वास केंद्र
(Mohammad Sayeed Pathan Editor Mission Sandesh)
गोरखपुर। दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर समग्र सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित (CRC) समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र आज पूर्वांचल क्षेत्र में सामाजिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है। यह केंद्र बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रांगण में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की देखरेख में संचालित होता है, जिसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
इस केंद्र के क्रियाकलाप बहुआयामी हैं। यहां दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण, पुनर्वास सेवाएं, तथा विशेष शिक्षा कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। केंद्र में विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक कौशल सिखाया जाता है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके अलावा, सामुदायिक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, शिविर एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जाती हैं, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
निदेशक जितेंद्र यादव ने बताया, केंद्र अत्याधुनिक संसाधनों से लैस है। यहां फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, व्यावसायिक चिकित्सा (ऑक्यूपेशनल थेरेपी), तथा प्रोस्थेटिक एवं ऑर्थोटिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इन सेवाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों की शारीरिक एवं मानसिक क्षमताओं को विकसित करने का प्रयास किया जाता है। साथ ही, प्रारंभिक हस्तक्षेप (Early Intervention) और विशेष शिक्षा के जरिए बच्चों के समुचित विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
केंद्र द्वारा अन्य सेवाओं में दिव्यांगता की पहचान, प्रमाणन, परामर्श, तथा पुनर्वास योजना तैयार करना शामिल है। यहां विशेषज्ञों की टीम द्वारा प्रत्येक दिव्यांग व्यक्ति की आवश्यकताओं के अनुसार व्यक्तिगत पुनर्वास योजना बनाई जाती है। इसके अलावा, सहायक उपकरणों का वितरण, जैसे व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग आदि, भी समय-समय पर किया जाता है, जिससे दिव्यांगजन अपने दैनिक जीवन को सहज बना सकें।
गौरतलब है कि गोरखपुर में इस केंद्र की स्थापना से पूर्वांचल के हजारों दिव्यांगजनों को बड़ी राहत मिली है। पहले जहां उन्हें उपचार, प्रशिक्षण और प्रमाणन के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब सभी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही हैं। वर्ष 2018 में इस प्रकार के केंद्र की सेवाओं का शुभारंभ किए जाने से क्षेत्र में दिव्यांगजन कल्याण की दिशा में एक नई पहल मानी गई थी।
समग्र रूप से देखा जाए तो यह केंद्र न केवल चिकित्सा और पुनर्वास सेवाएं प्रदान करता है, बल्कि दिव्यांगजनों को शिक्षा, कौशल और आत्मविश्वास देकर उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सक्षम बना रहा है। सरकार की यह पहल “सशक्त दिव्यांग – सशक्त भारत” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। दिव्यांगसशक्तिकरण #CRC_Gorakhpur #समेकितपुनर्वासकेंद्र #DivyangEmpowerment #SkillDevelopmentForAll #InclusiveIndia #AccessibleIndia #पूर्वांचलविकास #RehabilitationServices #SpecialEducation #EarlyIntervention #VocationalTraining #SelfReliance #SocialJustice #EmpowermentForAll #BRDMedicalCollege #DivyangWelfare #SashaktBharat #AssistiveTechnology #CommunityAwareness

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