गांव की समस्या गांव में समाधान : ग्राम चौपाल में योजनाओं की समीक्षा के साथ जमीनी हकीकत से सीधा संवाद, लेकिन क्रियान्वयन पर उठे सवाल
संत कबीर नगर । खलीलाबाद विकासखंड के ग्राम पंचायत अशरफाबाद में शुक्रवार को आयोजित ग्राम चौपाल एक बार फिर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के प्रयासों का मंच बना। इस अवसर पर विधायक खलीलाबाद अंकुर राज तिवारी और जिलाधिकारी आलोक कुमार की मौजूदगी ने कार्यक्रम को प्रशासनिक गंभीरता प्रदान की, वहीं ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद भी स्थापित किया गया।
चौपाल के दौरान विभिन्न विभागों—पेंशन, राशन कार्ड, शिक्षा, आईसीडीएस, स्वास्थ्य, आयुष्मान योजना, मनरेगा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन—से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने लाभार्थियों से फीडबैक भी लिया, जिससे योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया जा सके।
🔹जमीनी हकीकत बनाम सरकारी दावे
हालांकि चौपाल में योजनाओं की व्यापक जानकारी दी गई, लेकिन यह भी स्पष्ट हुआ कि कई योजनाएं अभी भी पूरी तरह से धरातल पर प्रभावी नहीं हो पाई हैं। ग्रामीणों ने पेंशन, राशन कार्ड और स्वास्थ्य सेवाओं में देरी व अनियमितताओं की शिकायतें सामने रखीं। इससे यह संकेत मिलता है कि योजनाओं के प्रचार-प्रसार के बावजूद उनके क्रियान्वयन में चुनौतियां बरकरार हैं।
🔹‘गांव में समाधान’ की अवधारणा पर जोर
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने “गांव की समस्या, गांव में समाधान” के सिद्धांत को दोहराते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिकतर शिकायतों का निस्तारण स्थानीय स्तर पर ही किया जाए। यह पहल प्रशासनिक दृष्टि से सकारात्मक है, लेकिन इसकी सफलता संबंधित कर्मचारियों की सक्रियता और जवाबदेही पर निर्भर करेगी।
🔹राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय का संदेश
विधायक अंकुर राज तिवारी ने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभ वितरण पर जोर दिया और अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को सरकार की प्राथमिकता बताया। यह बयान राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके परिणामों का मूल्यांकन समय-समय पर आवश्यक है।
🔹प्रशासनिक निर्देश और वास्तविक चुनौती
अपर जिलाधिकारी द्वारा फार्मर रजिस्ट्री को पूरा करने और मुख्य विकास अधिकारी द्वारा ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। हालांकि, बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कई योजनाओं में प्रगति धीमी रहने का मुद्दा प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
🔹निष्कर्ष: पहल सराहनीय, निगरानी जरूरी
ग्राम चौपाल जैसे कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन सकते हैं। लेकिन इनकी वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होगी जब चौपाल में उठाए गए मुद्दों का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान किया जाए। अन्यथा, ये आयोजन केवल औपचारिकता बनकर रह जाने का खतरा भी पैदा करते हैं।
इस चौपाल ने एक ओर योजनाओं की पहुंच का आकलन किया, तो दूसरी ओर यह भी स्पष्ट किया कि जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना अभी भी प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
🔸 जिलाधिकारी आलोक कुमार
🔸एडीएम जय प्रकाश
🔸 एसडीएम अरुण कुमार
🔸 मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी
🔸 समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार
🔸 एक्सईएन (बिजली विभाग) राजेश कुमार
🔸 डीपीआरओ मनोज कुमार
🔸 डीडीओ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी
🔸 अशरफाबाद ग्राम प्रधान परमेश्वर यादव उर्फ मन्ना
🔸 मोहम्मदपुर प्रधान रविंद्र यादव
🔸 पड़रिया ग्राम प्रधान रामसनेही गुप्ता
🔸 बयारे प्रधान श्री छोटे लाल यादव
🔸 बीडीसी श्री शैलेंद्र विश्वकर्मा
🔸विजय निषाद


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