गोरखपुर के रिशांग ने अंतरराष्ट्रीय परीक्षा में हासिल की ऑल इंडिया 55वीं रैंक, 90 प्रतिशत छात्रवृत्ति से बढ़ाया जिले का मान

(Report and edit by-Mohammad Sayeed Pathan)

गोरखपुर। प्रतिभा और मेहनत के दम पर गोरखपुर के छात्र रिशांग श्रीवास्तव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बीटेक और बीएसएमएस (BSMS) जैसे तकनीकी एवं उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में विदेशों में प्रवेश के लिए आयोजित कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT Mode Exam) में रिशांग ने ऑल इंडिया स्तर पर 55वीं रैंक प्राप्त करते हुए 90 प्रतिशत छात्रवृत्ति हासिल की है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब देशभर से लगभग पांच लाख परीक्षार्थियों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था।

रिशांग श्रीवास्तव गोरखपुर के पादरी बाजार स्थित मानस विहार कॉलोनी के निवासी हैं। उनके पिता अखिलेश श्रीवास्तव बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में वरिष्ठ एक्सरे टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता मंजू श्रीवास्तव गृहणी हैं। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले रिशांग की इस उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।

रिशांग श्रीवास्तव की इस उल्लेखनीय सफलता के बाद उनके परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ और ऑल इंडिया 55वीं रैंक के साथ 90 प्रतिशत छात्रवृत्ति मिलने की जानकारी सामने आई, परिवार को बधाई देने वालों का तांता लग गया। क्षेत्र के लोगों ने इसे गोरखपुर के लिए गर्व का क्षण बताते हुए रिशांग की मेहनत और लगन की सराहना की।

परिजनों का कहना है कि रिशांग शुरू से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल परिवार का मान बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित किया है।

जानकारी के अनुसार यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश एवं छात्रवृत्ति चयन हेतु यह परीक्षा 6 मई 2026 को ACADFLY एजेंसी द्वारा आयोजित की गई थी। परीक्षा का परिणाम 23 मई को घोषित हुआ, जिसमें रिशांग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में 55वां स्थान प्राप्त किया। इस सफलता के साथ उन्हें 90 प्रतिशत तक की स्कॉलरशिप भी प्रदान की गई है, जिससे विदेश में उच्च शिक्षा का उनका सपना काफी हद तक साकार होता दिखाई दे रहा है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में विदेशों में तकनीकी और शोध आधारित शिक्षा के लिए प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में किसी छात्र द्वारा लाखों प्रतिभागियों के बीच शीर्ष रैंक हासिल करना केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि स्थानीय शैक्षणिक वातावरण की क्षमता को भी दर्शाता है। गोरखपुर जैसे शहरों से निकलकर छात्र अब वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं, जो बदलते शैक्षणिक परिदृश्य का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

रिशांग की सफलता यह भी बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि सही दिशा, अनुशासन और मेहनत हो तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। उनके परिवार ने भी इस उपलब्धि का श्रेय रिशांग की निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दिया है।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि विदेशों में उच्च शिक्षा की बढ़ती प्रवृत्ति के बीच भारत के लिए चुनौती यह है कि प्रतिभाशाली छात्रों को देश में ही विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बावजूद इसके, ऐसी सफलताएं भारतीय छात्रों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़ती भागीदारी और क्षमता का प्रमाण हैं।

रिशांग श्रीवास्तव की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। #newpost #trendingnow #trendingpost #missionsandesh  #acadfly #RishangSrivastava #Gorakhpur #Scholarship #InternationalExam #AllIndiaRank #ProudMoment #StudentSuccess #UKEducation #AustraliaEducation #SouthKoreaEducation #BTech #BSMS #EducationNews #SuccessStory #GorakhpurNews #HindiNews #TrendingNews #YouthInspiration #MeritoriousStudent #AcademicExcellence

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