संतकबीरनगर। जनपद में अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और दोषियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत संतकबीरनगर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को 14 वर्ष के कठोर कारावास तथा 1.50 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में संचालित अभियान के तहत लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को एडीशनल सेशन जज/एफटीसी-द्वितीय, संतकबीरनगर की अदालत ने वर्ष 2015 के एनडीपीएस एक्ट के मामले में अभियुक्त गयासुद्दीन उर्फ रिपोर्टर, निवासी सेमरा राजा, थाना घुघली, जनपद महाराजगंज को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
2015 में हुई थी गांजे की बरामदगी
पुलिस के अनुसार, 7 नवंबर 2015 को तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद बब्बन यादव ने कार्रवाई करते हुए अभियुक्त के कब्जे से 3 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया था। इस संबंध में कोतवाली खलीलाबाद में मु.अ.सं. 1103/2015 के तहत धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 14 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 1,50,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। यदि अभियुक्त अर्थदंड जमा नहीं करता है, तो उसे 6 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
अपराधियों में बढ़ेगा कानून का भय
यह फैसला दर्शाता है कि संतकबीरनगर पुलिस द्वारा की जा रही मजबूत विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से गंभीर आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा दिलाने में सफलता मिल रही है। "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान का उद्देश्य केवल मुकदमा दर्ज करना नहीं, बल्कि अपराधियों को न्यायालय से कठोर दंड दिलाकर कानून का भय स्थापित करना भी है। ऐसे निर्णय नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के लिए स्पष्ट संदेश हैं कि कानून के शिकंजे से बच पाना आसान नहीं होगा।

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