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संतकबीरनगर: वारंट के बाद भी चार आरोपी चल रहे थे फरार, विशेष न्यायाधीश ने जारी किया कुर्की की कार्यवाही का आदेश!


Report Dharmendra Kumar, edited by-Mohammad Sayeed Pathan 

संतकबीरनगर। खलीलाबाद थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले में फरार चल रहे चार आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट एवं गैंगस्टर एक्ट), संतकबीरनगर की अदालत ने धारा 84 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत उद्घोषणा जारी करने का आदेश दिया है। अदालत ने विवेचक को इस कार्रवाई में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

अदालत के 10 मार्च 2026 के आदेश के अनुसार, मुकदमा अपराध संख्या 1105/2025 में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। इस प्रकरण में आरोपी अनस पुत्र मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद आकिब जायेद उर्फ गोलू पुत्र यासीन, आमिर पुत्र यासीन और शाहबेज पुत्र मुनीर के विरुद्ध उद्घोषणा जारी करने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ 4 फरवरी 2026 को गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। आदेश के मुताबिक, वारंट की तामील के लिए विभिन्न तिथियों पर आरोपियों के मकान और अन्य संभावित स्थानों पर दबिश देने के बावजूद उनका पता नहीं चल पाया। अदालत के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों में आरोपियों के फरार रहने और गिरफ्तारी से बचने की बात कही गई।

प्रकरण में प्रस्तुत तथ्यों एवं परिस्थितियों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने विवेचक की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया। आदेश में आरोपियों के खिलाफ धारा 84 बीएनएसएस के अंतर्गत उद्घोषणा जारी करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही धारा 84(2)(i) और 84(2)(ii) बीएनएसएस के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अब आगे की कार्रवाई पर नजर

गैर-जमानती वारंट के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने के कारण अब अदालत के उद्घोषणा आदेश के अनुपालन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। नियमानुसार उद्घोषणा की कार्रवाई पूरी होने के बाद भी यदि आरोपी निर्धारित समय में उपस्थित नहीं होते हैं, तो कानून के तहत आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, इस आदेश को आरोपियों की दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार ही होगा।

यह आदेश 10 मार्च 2026 को विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट एवं गैंगस्टर एक्ट), संतकबीरनगर की अदालत से जारी किया गया है।

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