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गैंगेस्टर के मोबाइल फोन से की गई व्हाट्सएप चैट से खुलने लगे बड़े राज़,,आईपीएस अफसरों के बीच मचा हड़कंप


नोएडा । मोबाइल फोन पर होने वाली वॉट्सऐप चैट को लेकर देश में दूसरी बार अफसरशाही में हड़कंप मचा है। दोनों बार इस वॉट्सऐप चैट को गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने ही बड़ा हथियार बनाया है। 


चार माह पहले जिस गोपनीय रिपोर्ट के कारण छह आईपीएस अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी, वह गोपनीय रिपोर्ट भी मोबाइल चैट पर तैयार हुई थी। इस बार गैंगस्टर सुंदर भाटी के भतीजे अनिल भाटी के साथ संबंध रखने के आरोप में एक और आईपीएस अधिकारी के खिलाफा डीजीपी के आदेश पर एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है।



इसमें भी अहम सबूत दोनों के बीच हुई वॉट्सऐप चैट को ही बनाया गया है। सोमवार को मामले की चर्चा आईपीएस अफसरों से लेकर पुलिस अधिकारियों के बीच रही। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की वॉट्सऐप चैट को बड़ा साक्ष्य बना लेने का अपनी तरह का यह पहला मामला है।


सार्वजनिक हुई थी गोपनीय रिपोर्ट


पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनके मोबाइल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पांच आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ गोपनीय रिपोर्ट तैयार हुई थी। जिसमें वॉट्सऐप चैट को साक्ष्य बनाया था। रिपोर्ट में पांच आईपीएस अधिकारियों पर आरोप लगाये गए थे। रिपोर्ट में दो पीसीएस अधिकारी गुलशन कुमार, रजनीश, पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी मनोज भदौरिया का भी नाम था।


गैंगस्टर और पुलिस अधिकारी के गठजोड़


तत्कालीन एसएसपी गौतमबुद्धनगर वैभव कृष्ण की गोपनीय रिपोर्ट की जांच के लिए 9 जनवरी को उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई गई थी। कमेटी के अध्यक्ष एचसी अवस्थी थे (वर्तमान डीजीपी), कमेटी के सदस्य अमिताभ यश आईजी एसटीएफ और विकास गोठलवाल प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम थे। कमेटी ने जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट में नोएडा के एक बड़े गैंगस्टर और पुलिस अधिकारी के गठजोड़ पर टिप्पणी की थी।


Saabhar livehindustan


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