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संतकबीरनगर में नाबालिग से दुष्कर्म के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला: दो आरोपी गिरफ्तार, बरामदगी के दौरान भागने पर पुलिस मुठभेड़ में घायल


(Report and edit by-Mohammad Sayeed)

संतकबीरनगर, 1 जुलाई। संतकबीरनगर जिले के बेलहरकला थाना क्षेत्र में नाबालिग किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ऑपरेशन क्रैक डाउन अभियान के तहत पुलिस ने मामले में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, साक्ष्य बरामदगी के दौरान दोनों आरोपी भागने का प्रयास करने लगे, जिस पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उनके पैरों में गोली लगी। दोनों घायलों को उपचार के लिए पहले सीएचसी मेहदावल और बाद में जिला अस्पताल खलीलाबाद रेफर किया गया।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी मेहदावल सर्वदमन सिंह के पर्यवेक्षण में बेलहरकला पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बुधवार तड़के मुहम्मद शरीफ उर्फ बगेदू और मोहम्मद आमिर उर्फ निरहू उर्फ पिल्ले, दोनों निवासी नगर पंचायत बेलहरकला, टोला पनभरा को बालूशासन पुल के पास से गिरफ्तार किया।

मोबाइल बरामदगी के दौरान भागने का प्रयास

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को मृतका के मोबाइल फोन और सिम कार्ड की बरामदगी के लिए जंगल बेलहर क्षेत्र में ले जाया गया। इसी दौरान दोनों आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागने लगे। पुलिस का कहना है कि कई बार रुकने की चेतावनी देने के बावजूद वे नहीं रुके, जिसके बाद आवश्यक बल प्रयोग करते हुए फायरिंग की गई। दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और उन्हें तत्काल अस्पताल भेजा गया।

16 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध मौत से मचा था हड़कंप

यह मामला 28 जून 2026 का है। मृतका की मां ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी करीब 15 दिन पहले लापता हो गई थी। कुछ दिन पूर्व वह घर लौट आई थी, लेकिन 28 जून की रात वह अचानक फिर गायब हो गई। अगले दिन सुबह उसका शव कब्रिस्तान के पास सागौन के पेड़ के निकट उसके ही दुपट्टे के सहारे संदिग्ध अवस्था में मिला।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को मामला आत्महत्या न होकर हत्या का प्रतीत हुआ। पुलिस का दावा है कि घटना को आत्महत्या का रूप देकर साक्ष्य मिटाने और जांच को गुमराह करने का प्रयास किया गया था।

पूछताछ में दुष्कर्म और हत्या की स्वीकारोक्ति का दावा

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में किशोरी के साथ दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने की बात स्वीकार की है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के अलावा दुष्कर्म, पॉक्सो अधिनियम और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी।

पुलिस टीम को ₹25 हजार का इनाम

इस कार्रवाई में शामिल बेलहरकला थाना पुलिस और एसओजी टीम की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने दोनों टीमों को ₹25 हजार के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।

बेलहरकला की यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि महिलाओं और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि पुलिस का दावा जांच और न्यायालय की प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर साबित होता है, तो यह मामला सुनियोजित अपराध और साक्ष्य मिटाने की कोशिश का उदाहरण माना जाएगा। वहीं, पुलिस मुठभेड़ और आरोपियों की स्वीकारोक्ति जैसे पहलुओं की निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया में जांच और पुष्टि भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी। ऐसे मामलों में त्वरित विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन और समयबद्ध न्याय ही पीड़ित परिवार को वास्तविक न्याय दिला सकता है।

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